कपास फसल बचाने को नहरों में शीघ्र पानी छोड़ने की मांग तेज
कपास सिंचाई के लिए नहरों में जल्द पानी छोड़ने की मांगक्षेत्र के किसानों ने कपास फसल की सिंचाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन से शीघ्र नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है। इस संबंध में किसानों और जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में क्षेत्र के अधिकांश किसान कपास की बुवाई और खेत तैयार करने के कार्य में जुटे हैं, लेकिन पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से मुख्य नहरों और उप नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने के कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई है, जिससे कपास फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।किसानों ने कहा कि कपास क्षेत्र की प्रमुख नकदी फसल होने के साथ हजारों किसानों की आजीविका का मुख्य आधार भी है। यदि समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम की अनिश्चितता और लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण किसान अब नहरों के पानी पर अधिक निर्भर हो गए हैं।किसानों ने प्रशासन से मांग की कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र की सभी नहरों और उप नहरों में जल्द पानी छोड़ा जाए, ताकि समय पर सिंचाई कर कपास फसल को सुरक्षित रखा जा सके।इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष राकेश बर्मन, जनपद सदस्य प्रदीप सेन, नकुल पटेल, रामू सेठ, मंडलम अध्यक्ष शांतिलाल, लेखराम रांडवा, सुरेश खरते, रामेश्वर पवार, महेंद्र जैन, कालू वर्मा, विक्रम रावत, मुकेश पटेल, गणेश सोलंकी, त्रिलोक पटेल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।और पढ़ें:- डॉलर के मुकाबले रुपया 03 पैसे गिरकर 96.38 पर खुला.