Trump Tariffs : US सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप टैरिफ का बड़ा फैसला आज! 17.55 लाख करोड़ दांव पर।
अमेरिका में आज बेहद अहम दिन है. सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के मेगा टैरिफ पॉलिसी पर फैसला सुना सकता है-वहीं टैरिफ जिन्हें खुद ट्रंप अपना फेवरेट शब्द कहते हैं. कोर्ट ये तय करेगा कि क्या सरकार IEEPA के तहत ऐसे भारी टैरिफ लगाने का अधिकार रखती है और अगर नहीं, तो क्या सरकार को इंपोर्टर्स को पैसे वापस करने होंगे. यह सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी, राजकोषीय स्थिति और ग्लोबल मार्केट्स पर भारी असर डालने वाला फैसला है.
क्या दांव पर लगा है
इस केस के दो बड़े सवाल हैं-क्या ट्रंप प्रशासन IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत टैरिफ लगा सकता है? अगर कोर्ट कहता है कि यह तरीका गलत था, तो क्या सरकार को इंपोर्टर्स के पैसे वापस करने पड़ेंगे?
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट का फैसला ऑल ऑर नथिंग
नहीं होगा. यानी न पूरा हक मिलेगा, न पूरा अधिकार छीना जाएगा-बल्कि बीच का रास्ता निकल सकता है.संभावना ये भी है कि कोर्ट सरकार को IEEPA के तहत सीमित अधिकार दे और लौटाए जाने वाले रिफंड को भी सीमित रखे.
व्हाइट हाउस क्या सोच रहा है
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा है कि वे एक मिशमाश यानी मिला-जुला फैसले की संभावना कर रहे हैं. उनके अनुसार-हमारी टैरिफ वसूली जारी रहेगी, इसमें कोई शक नहीं.असल खतरा ये है कि राष्ट्रपति की ताकत कम हो जाएगी-नेशनल सिक्योरिटी और नेगोशिएशन दोनों में.ट्रंप ने IEEPA का सहारा मुख्य रूप से फेंटानिल के इंपोर्ट को रोकने के लिए लिया था.
बेसेंट का कहना है कि अगर कोर्ट टैरिफ रोक भी दे, तो प्रशासन के पास 1962 Trade Act के तहत कम से कम तीन और रास्ते हैं जिनसे ज्यादातर टैरिफ जारी रह सकते हैं.लेकिन अगर सरकार को रिफंड देना पड़ा, तो फिस्कल डेफिसिट कम करने की कोशिशों पर दबाव बढ़ सकता है.
मार्केट और इकोनॉमिस्ट क्या मान रहे हैं?
Interactive Brokers के सीनियर इकॉनॉमिस्ट जोसे टोरेस का मानना है-अगर कोर्ट टैरिफ हटाता है, तो प्रशासन कोई दूसरा रास्ता ढूंढ लेगा.ट्रंप का अजेंडा बहुत मजबूत है, वे इसे किसी भी कीमत पर आगे बढ़ाना चाहते हैं.टोरेस ने कहा कि उनके क्लाइंट्स भी मानते हैं कि प्रशासन के पास कई बैकअप विकल्प हैं.
Prediction Market Kalshi की रायसिर्फ 28% संभावना कि कोर्ट ट्रंप के पक्ष में फैसला देगा.CNBC ने भी विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि कोर्ट चाहे टैरिफ ब्लॉक करे या लिमिट लगाए, व्हाइट हाउस वर्कअराउंड ढूंढ लेगा.
टैरिफ का असर-एनालिस्ट चौंके
कई एनालिस्ट्स को उम्मीद थी कि टैरिफ से महंगाई बढ़ेगी और ट्रेड डेफिसिट बिगड़ेगा.लेकिन हुआ उल्टा-महंगाई पर लगभग कोई असर नहीं,ट्रेड डेफिसिट 2009 के बाद न्यूनतम,अक्टूबर का ट्रेड गैप रिकॉर्ड गिरावट के साथ सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है-जो विश्लेषकों के पूर्वानुमान के बिलकुल उलट है.
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