खुशखबरी: खरीफ 2023 में कपास बीज की बिक्री में वृद्धि, उद्योग में मजबूत मांग की उम्मीद
नई दिल्ली: कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत का कपास उत्पादन फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में बढ़कर 33.72 मिलियन गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 31.12 मिलियन गांठ था।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा सामान्य मानसून की भविष्यवाणी और पिछले सीजन में बेहतर कीमतों को देखते हुए बीज उद्योग में कपास क्षेत्र को लेकर सकारात्मक उम्मीदें बढ़ी हैं।
फेडरेशन ऑफ सीड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (FSII) के अनुसार, मौजूदा सीजन में कपास बीज की बिक्री बढ़कर 4.8 से 4.9 करोड़ पैकेट (प्रत्येक 450 ग्राम) तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष 4.2 करोड़ पैकेट थी।
FSII के महानिदेशक राम कौंडिन्य ने बताया कि दो एकड़ भूमि के लिए लगभग तीन पैकेट बीज की आवश्यकता होती है, इसलिए 4.9 करोड़ पैकेट लगभग 13 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने के लिए पर्याप्त हैं। पिछले वर्ष कपास का रकबा 12.75 मिलियन हेक्टेयर था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों द्वारा बचाए गए बीजों को भी शामिल किया जाए तो कपास का रकबा कम से कम 10% तक बढ़ सकता है। उद्योग में हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें दो एकड़ के लिए 10 पैकेट तक बीज की आवश्यकता हो सकती है।
IMD ने 2023 में सामान्य मानसून (लंबी अवधि के औसत का 96%) का अनुमान लगाया है और एल नीनो से किसी बड़े व्यवधान की संभावना से इनकार किया है।
किसानों की उम्मीदें
किसान बेहतर कीमतों की उम्मीद में अपनी उपज धीरे-धीरे बाजार में बेच रहे हैं। यह उम्मीद पिछले सीजन में कपास के रिकॉर्ड ₹12,000 प्रति क्विंटल भाव पर आधारित है। हालांकि वर्तमान में गुजरात APMC मंडियों में कपास के दाम लगभग ₹8,000 प्रति क्विंटल के आसपास हैं, जो पिछले उच्च स्तर से काफी कम हैं।
शंकर-6 किस्म के लिए लिंट कॉटन की कीमत लगभग ₹76,250 प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) पर है, जबकि MSP ₹16,080 प्रति क्विंटल है।