पहली बारिश के बाद बुवाई में न करें जल्दबाजी, कृषि मंत्री की किसानों को सलाह
महाराष्ट्र मानसून अपडेट: राज्य में मानसून की शुरुआत के साथ खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने किसानों से पहली बारिश के तुरंत बाद बुवाई न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेतों में पर्याप्त नमी बनने और बारिश की निरंतरता सुनिश्चित होने के बाद ही बुवाई शुरू करनी चाहिए, ताकि फसल का बेहतर अंकुरण हो और नुकसान की आशंका कम रहे।
विधानसभा में मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है और अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि कई बार किसान शुरुआती बारिश के बाद जल्दबाजी में बुवाई कर देते हैं, लेकिन यदि बाद में बारिश रुक जाए तो बीज खराब हो सकते हैं और दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। इसलिए किसानों को मिट्टी की नमी और मौसम की स्थिति का सही आकलन करने के बाद ही फसल बोनी चाहिए।
संभावित अल नीनो प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार भी सतर्क है। कृषि विभाग भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से किसानों को मौसम आधारित सलाह दे रहा है। साथ ही जल प्रबंधन और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष अत्यधिक बारिश से प्रभावित किसानों के लिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राहत उपलब्ध कराई गई है। वहीं, फसल बीमा योजना के तहत 1,523 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है और शेष राशि की प्रक्रिया जारी है।
कपास उत्पादक किसानों के लिए भी सरकार ने बड़ी घोषणा की है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन लागू किया जाएगा, जिसके तहत उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने यह भी बताया कि खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा नकली कृषि सामग्री के खिलाफ राज्यभर में सख्त कार्रवाई जारी है।
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