सिरसा में कार्यशाला के जरिए किसानों को जैविक कपास खेती के लिए किया गया जागरूक
2025-01-13 19:54:39
सिरसा में जैविक कपास खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला आयोजित
हरियाणा के सिरसा स्थित केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र में शनिवार को जैविक कपास की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक (कपास) राम प्रताप सिहाग ने की, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक, बीज कंपनियों के प्रतिनिधि, इनपुट डीलर और कपास निगम के अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिहाग ने कहा कि जैविक कपास की खेती न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती है। उन्होंने किसानों को देशी कपास उगाने और अपने स्तर पर जैविक बीज तैयार करने के तरीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पंजाब की “खेती विरासत मिशन ट्रस्ट” की निदेशक रूपसी गर्ग सहित प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और जैविक खेती के लाभों पर प्रकाश डाला।
संस्थान के प्रमुख ऋषि कुमार ने उत्तर भारत में कपास उत्पादन की स्थिति, कीट प्रबंधन और जैविक तरीकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, वरिष्ठ वैज्ञानिक एस.के. वर्मा ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जैविक खेती को अपनाने के उपाय बताए।
विशेषज्ञ एस.के. सैन और अमरप्रीत सिंह ने कपास की बीमारियों के नियंत्रण और प्राकृतिक खेती तकनीकों के जरिए उत्पादन बढ़ाने पर जानकारी दी। कृषि उपनिदेशक सुखदेव ने किसान उत्पादक संगठनों और किसान क्लबों के माध्यम से जैविक कपास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक सुभाष चंद्र ने उन्नत कपास किस्मों की जानकारी दी और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।