यवतमाल में बारिश की कमी से कपास और सोयाबीन किसानों की बढ़ी चिंता
2026-07-15 13:39:49
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के महान क्षेत्र में बारिश थमने से कपास और सोयाबीन किसानों की बढ़ी चिंता
महान, यवतमाल (महाराष्ट्र): जुलाई की शुरुआत में हुई लगातार बारिश के बाद अब एक सप्ताह से वर्षा नहीं होने के कारण महान और आसपास के क्षेत्रों के किसान चिंता में हैं। 7 जुलाई से शुरू हुई बारिश के दौरान कपास किसानों ने मजदूरों की मदद से निराई-गुड़ाई का कार्य तेजी से पूरा कर लिया, लेकिन अब बारिश रुकने से सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है।
1 से 7 जुलाई के बीच लगातार बारिश होने से खेतों में कपास की निराई-गुड़ाई, रासायनिक खाद का छिड़काव और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हुए थे। हालांकि, 7 जुलाई की शाम से लेकर 14 जुलाई तक मौसम अनुकूल रहने से किसानों ने रुके हुए अधिकांश कृषि कार्य पूरे कर लिए। अब खेतों में आवश्यक कार्य लगभग समाप्त हो चुके हैं, लेकिन फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए समय पर बारिश होना बेहद जरूरी है।
पिछले आठ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण कपास, सोयाबीन, अरहर, ज्वार, उड़द और मूंग जैसी खरीफ फसलें नमी की कमी झेल रही हैं। विशेष रूप से जुलाई के पहले सप्ताह में बोई गई सोयाबीन की फसल को इस समय पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है। बढ़ते तापमान और मिट्टी में नमी की कमी के कारण सोयाबीन के पौधे मुरझाने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो सोयाबीन सहित खरीफ की प्रमुख फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है और उत्पादन पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में यवतमाल जिले के महान और आसपास के क्षेत्र के किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।