क्या जल्द ही भारत पर 100% टैरिफ़ लगेगा? अमेरिकी सीनेट ने रूसी तेल को लेकर प्रतिबंधों वाला बिल मंज़ूर किया।
अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल, गैस और अन्य उत्पाद खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाले एक बिल को 86-11 वोटों से मंजूरी दे दी है। बिल के समर्थकों ने भारत को उन पांच देशों में शामिल किया है, जिन पर यह प्रावधान लागू हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लग जाएगा।
प्रस्तावित कानून का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026’ है। इसके तहत चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अज़रबैजान जैसे देशों पर कार्रवाई की संभावना है। बिल में टैरिफ की अधिकतम सीमा 100% रखी गई है, लेकिन वास्तविक दर तय करने की जिम्मेदारी अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) को दी जाएगी।
राष्ट्रपति को राष्ट्रीय हित के आधार पर किसी देश को छूट देने का अधिकार भी होगा। साथ ही, नीति की हर 180 दिनों में समीक्षा की जाएगी।
भारत का कहना है कि रूस से तेल खरीदना उसकी ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू जरूरतों का हिस्सा है। नई दिल्ली ने रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर अमेरिकी दबाव को अनुचित बताया है।
अमेरिका पहले भी रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है। हालांकि, बाद में व्यापार वार्ता के दौरान इसे हटा दिया गया था। अब सीनेट की मंजूरी के बाद भारत पर एक बार फिर दबाव बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल यह बिल कानून नहीं बना है। सीनेट से मंजूरी के बाद इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाना होगा। वहां से पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही यह कानून बन सकेगा।
इसलिए अभी भारत पर 100% टैरिफ लगना तय नहीं है। अगर बिल कानून बनता भी है, तो टैरिफ की दर अलग से तय की जाएगी। यानी फिलहाल भारत पर 100% टैरिफ का खतरा है, लेकिन यह अभी निश्चित नहीं है।
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