तेलंगाना में खरीफ बुवाई की सुस्त शुरुआत, कपास और सोयाबीन के रकबे में भारी गिरावट
तेलंगाना में 2026 के खरीफ सीजन की बुवाई पिछले वर्ष के मुकाबले काफी धीमी गति से आगे बढ़ रही है। राज्य के कृषि विभाग द्वारा जारी 24 जून 2026 तक के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल फसली रकबा (Total Cropped Area) मात्र 14.78 लाख एकड़ (1,478,120 एकड़) दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि में बोए गए 28.38 लाख एकड़ (2,838,416 एकड़) की तुलना में लगभग आधा है। कुल मिलाकर, अब तक सामान्य सीजन के रकबे का केवल 11.16 प्रतिशत हिस्सा ही कवर हो पाया है।
कपास का दबदबा कायम, लेकिन रकबे में बड़ी कमी
राज्य में खरीफ बुवाई में हालांकि अभी भी कपास (Cotton) का ही दबदबा है, लेकिन इसकी रफ्तार पिछले साल से काफी पीछे है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक अब तक 12.60 लाख एकड़ (1,260,315 एकड़) में कपास की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 22.14 लाख एकड़ था। यानी इसकी बुवाई में लगभग 9.5 लाख एकड़ की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
सोयाबीन और तिलहन की स्थिति चिंताजनक
तिलहन फसलों, विशेषकर सोयाबीन की बुवाई में सबसे तेज और चिंताजनक गिरावट देखने को मिली है। इस साल अब तक सोयाबीन का रकबा सिमटकर मात्र 24,666 एकड़ रह गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 1.43 लाख एकड़ (143,253 एकड़) के पार था। इसके परिणामस्वरूप कुल तिलहन (Total Oilseeds) का रकबा भी पिछले साल के 1.43 लाख एकड़ के मुकाबले गिरकर महज 25,429 एकड़ पर आ गया है।
आगे की बारिश से उम्मीदें
आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि तेलंगाना में शुरुआती बुवाई बहुत धीमी रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण शुरुआती मॉनसून की बारिश में देरी या उसका असमान वितरण हो सकता है। हालांकि, कृषि विभाग को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में मॉनसून के जोर पकड़ने के साथ ही राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में बुवाई की गति में तेजी आएगी और स्थिति में सुधार होगा।