भारत-यूके FTA से टेक्सटाइल को बढ़त

2026-08-06 11:14:05
First slide


UK-India FTA से भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को $1 अरब तक के अतिरिक्त निर्यात का अवसर: Ind-Ra

नई दिल्ली: इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने कहा है कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (UK-India FTA)भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए मध्यम और दीर्घकालिक अवधि में महत्वपूर्ण विकास का अवसर प्रदान कर सकता है। एजेंसी के अनुसार, इस समझौते से भारतीय टेक्सटाइल निर्यातकों के लिए लगभग 1 अरब डॉलर तक के अतिरिक्त निर्यात की संभावना बन सकती है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत होगी।

Ind-Ra की रिपोर्ट के अनुसार, FTA से यूनाइटेड किंगडम के बाजार में भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और बाजार हिस्सेदारी में सुधार होगा। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय कंपनियां उत्पादन क्षमता का विस्तार, लागत प्रबंधन, नियामकीय अनुपालन और वित्तीय अनुशासन को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती हैं।

एजेंसी ने इस समझौते को भारतीय टेक्सटाइल निर्यातकों की क्रेडिट प्रोफाइल के लिए सकारात्मक बताया है। हालांकि, इसके लाभ चरणबद्ध तरीके से सामने आएंगे, क्योंकि निर्यात बढ़ाने के लिए उत्पादन क्षमता का विस्तार, खरीदारों की स्वीकृति, कार्यशील पूंजी (Working Capital) का कुशल प्रबंधन और गुणवत्ता एवं नियामकीय मानकों का पालन आवश्यक होगा।

Ind-Ra में कॉर्पोरेट रेटिंग्स के निदेशक रोहित सदाका ने कहा कि बड़ी और एकीकृत टेक्सटाइल कंपनियां अपने मजबूत वित्तीय संसाधनों, स्थापित ग्राहक आधार और बड़े उत्पादन नेटवर्क के कारण इस अवसर का अधिक लाभ उठा सकेंगी। इसके विपरीत, यदि छोटी कंपनियां विस्तार के लिए अत्यधिक कर्ज लेती हैं, तो उन पर लेवरेज और लिक्विडिटी का दबाव बढ़ सकता है।

यूनाइटेड किंगडम भारत का तीसरा सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यात बाजार है, जहां भारत के कुल टेक्सटाइल निर्यात का लगभग 6.1% जाता है। वहीं, भारत में यूके से होने वाला टेक्सटाइल आयात घरेलू खपत का 1% से भी कम है। वर्तमान में यूके के टेक्सटाइल आयात बाजार में भारत की हिस्सेदारी 6.9% है। Ind-Ra का अनुमान है कि यदि यह हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 10% हो जाती है, तो भारतीय कंपनियों के लिए करीब 900 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त निर्यात अवसर पैदा हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 12% आयात शुल्क (टैरिफ) समाप्त होने से भारतीय परिधान और होम टेक्सटाइल उत्पादों की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे भारतीय निर्यातकों को समय के साथ चीनी आपूर्तिकर्ताओं से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कम उत्पादन लागत और बड़े पैमाने के कारण बांग्लादेश से प्रतिस्पर्धा चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी।

Ind-Ra का मानना है कि FTA से निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन लाभप्रदता में तत्काल उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना सीमित है। यूके के खरीदार टैरिफ लाभ का कुछ हिस्सा कम कीमतों के रूप में मांग सकते हैं, जबकि ईंधन, बिजली, मालभाड़ा और शिपिंग लागत में वृद्धि निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकती है। हालांकि, लंबी अवधि में निर्यात मात्रा बढ़ने, बेहतर क्षमता उपयोग और परिचालन दक्षता में सुधार से भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की लाभप्रदता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता दोनों मजबूत होने की उम्मीद है।


और पढ़ें :- भारत-यूके FTA से टेक्सटाइल को बढ़त



Regards
Team Sis
Any query plz call 9111677775

https://wa.me/919111677775

Application Download
Whatsapp Contact