मारेगाव क्षेत्र में मजदूरों की कमी से कपास तुड़ाई प्रभावित
मारेगाव (महाराष्ट्र) स्टेशन क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में इस समय कपास चुगाई का सीजन चल रहा है, लेकिन किसानों को कपास चुनने के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिल रहे हैं। वर्तमान में कपास चुनने के लिए मजदूरों को 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किया जा रहा है, इसके बावजूद कई खेतों में कपास अभी भी पड़ा हुआ है क्योंकि मजदूर दैनिक मजदूरी पर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं।
मजदूरों की कमी के कारण कई खेतों में कपास की समय पर चुगाई नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि कपास समय पर नहीं तोड़ी गई तो उसके खराब होने और बर्बाद होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में कम उत्पादन, बाजार में कम कीमत और मजदूरों की कमी—इन तीनों समस्याओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
इसके साथ ही क्षेत्र के कई गांवों में कपास की खरीद भी कम कीमतों पर हो रही है। किसानों का कहना है कि कपास उगाने के लिए उन्हें खाद, बीज, दवाइयों और मजदूरी पर भारी खर्च करना पड़ता है, लेकिन बिक्री के समय उचित कीमत नहीं मिलने से उन्हें बहुत कम लाभ मिल पाता है। किसानों ने सरकार से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने और उचित समाधान निकालने की मांग की है।