सेंधवा में 64% खरीफ बुवाई पूरी, मक्का के साथ कपास की खेती में किसानों की बढ़ी रुचि
2026-07-11 12:40:53
सेंधवा ब्लॉक में 64% खरीफ बोवनी पूरी, मक्का के बाद कपास की खेती की ओर बढ़ा किसानों का रुझान
सेंधवा: मानसून के सक्रिय होने के साथ ही मध्य प्रदेश के सेंधवा ब्लॉक में खरीफ फसलों की बोवनी ने रफ्तार पकड़ ली है। कृषि विभाग के अनुसार, अब तक 38,426 हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी पूरी हो चुकी है, जो कुल 60,097 हेक्टेयर खरीफ रकबे का लगभग 64 प्रतिशत है। विभाग का अनुमान है कि मौसम अनुकूल रहने पर अगले एक सप्ताह में शत-प्रतिशत बोवनी पूरी हो जाएगी।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष किसानों का रुझान मक्का के साथ-साथ कपास की खेती की ओर भी बढ़ा है। अब तक 14,170 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की बोवनी की जा चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में मक्का का रकबा 21,800 हेक्टेयर था। वहीं, नकदी फसल कपास की बोवनी इस सीजन में 7,581 हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है, जबकि पिछले वर्ष यह 10,830 हेक्टेयर रही थी।
तिलहनी फसलों में सोयाबीन की बोवनी 5,246 हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज की गई है। दलहनी फसलों में अरहर 2,370 हेक्टेयर, उड़द 2,365 हेक्टेयर और मूंग 2,289 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई है। इसके अलावा ज्वार की बोवनी 2,744 हेक्टेयर में पूरी हो चुकी है। कृषि विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में बारिश जारी रहने पर शेष क्षेत्र में भी तेजी से बोवनी पूरी होने की संभावना है।
इस बार कपास की खेती में उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (एचडीपीएस) तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को इस आधुनिक पद्धति का प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं। इस तकनीक के तहत कम दूरी पर अधिक पौधे लगाए जाते हैं, जिससे प्रति हेक्टेयर पौधों की संख्या बढ़ती है। संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और पौधों की टॉपिंग जैसी वैज्ञानिक विधियों से बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है।
सेंधवा कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) डी.एस. गणावा ने बताया कि ब्लॉक में अब तक 64 प्रतिशत से अधिक खरीफ बोवनी पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा और नियमित बारिश होती रही, तो अगले एक सप्ताह में पूरे ब्लॉक में खरीफ फसलों की बोवनी का कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।