नागालैंड में 'मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना' का शुभारंभ, बुनकरों को मिलेगा सस्ता और गुणवत्तापूर्ण धागा
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने 'मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना' का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य राज्य के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करना और बुनकरों की आजीविका को बेहतर समर्थन प्रदान करना है।
कोहिमा में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग, उद्योग एवं वाणिज्य मामलों की सलाहकार हेकानी जखालू तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। योजना के तहत स्थापित यार्न बैंक दीमापुर के टोलुवी स्थित राज्य औद्योगिक क्षेत्र के जिला उद्योग केंद्र में संचालित किया जाएगा।
'मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना' का उद्देश्य बुनकरों के सामने आने वाली लंबे समय से चली आ रही उस समस्या का समाधान करना है, जिसमें उन्हें उचित कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक धागा उपलब्ध नहीं हो पाता था। इस कारण उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ उनकी आय भी प्रभावित होती थी।
योजना के तहत राज्य सरकार बुनकरों को 15 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी। इसके अलावा सूती धागा, एरी सिल्क, मूगा सिल्क, बांस के रेशों और अन्य प्राकृतिक मिश्रित रेशों से बने धागे मिल-गेट कीमतों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे बुनकरों को कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री मिल सकेगी और उनके उत्पादों की बाजार प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से प्रतिवर्ष लगभग 5,000 से 10,000 बुनकर लाभान्वित होंगे। एक पारदर्शी और भरोसेमंद वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र बुनकर सीधे यार्न बैंक से धागा खरीद सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और कारीगरों को अधिक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने और कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नागालैंड की पहचान, संस्कृति और समृद्ध विरासत की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के बुनकरों, विशेषकर महिलाओं, के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे पारंपरिक शिल्प को संरक्षित रखने के साथ-साथ हजारों परिवारों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने पात्र बुनकरों, सरकारी विभागों, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं से मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र कारीगर तक पहुंच सके।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने नागालैंड की समृद्ध हथकरघा विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'मुख्यमंत्री यार्न बैंक योजना' आने वाले वर्षों में बुनकरों को नई संभावनाएं प्रदान करेगी और राज्य की पारंपरिक हथकरघा कला को नई पहचान दिलाएगी।