वहीं, अमेरिकी पिमा कपास में भी हल्की बढ़त देखी गई है, जहां 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में शुद्ध बिक्री 100 गांठ बढ़ी और कुल शिपमेंट 8,700 गांठ तक पहुंच गया।
2024-25 सीजन में मिस्र में कपास की बुवाई लगभग 3.11 लाख फेडन (करीब 1.3 लाख हेक्टेयर) में हुई। फसल की बुवाई मार्च 2024 में हुई और कटाई अक्टूबर में की गई। सरकार ने शुरुआत में ₹12,000 ईजीपी प्रति क्विंटल का गारंटी मूल्य तय किया था, जिसे बाद में घटाकर ₹10,000 ईजीपी कर दिया गया।
सितंबर 2024 से 20 जुलाई 2025 तक मिस्र ने करीब 36,400 मीट्रिक टन कपास का निर्यात किया, जिसकी कीमत लगभग 120 मिलियन डॉलर रही। यह निर्यात 17 एशियाई और यूरोपीय देशों को किया गया।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च गुणवत्ता वाले ELS कपास की बढ़ती मांग और सीमित वैश्विक आपूर्ति के चलते आने वाले समय में मिस्री कपास की कीमतें मजबूत बनी रह सकती हैं।
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