कपास बिक्री को लंबी कतारें, CCI सेंटर 7 दिन खुलेंगे
2026-03-07 11:17:12
कपास बेचने के लिए किसानों की लंबी कतार, लेकिन CCI सेंटर सिर्फ़ सात दिन खुलेंगे
मराठवाड़ा में कपास बेचने को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CCI) ने कपास खरीद की अंतिम तारीख 15 मार्च तक बढ़ा दी है, लेकिन बीच में आने वाली छुट्टियों के कारण वास्तविक खरीद के लिए किसानों को केवल सात दिन ही मिल पाएंगे।
दरअसल, इस अवधि में दो शनिवार, तीन रविवार के साथ-साथ होली और रंगपंचमी की छुट्टियां भी पड़ रही हैं। ऐसे में किसानों का कहना है कि इतने कम दिनों में सभी किसानों की कपास खरीद पाना मुश्किल होगा।
गंगापुर तालुका में लगभग दो हजार किसान कपास बेचने की प्रतीक्षा में हैं, जबकि पूरे जिले में यह संख्या करीब आठ हजार तक पहुंच गई है। बड़ी संख्या में किसान अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
स्लॉट बुकिंग और मैसेज अपडेट में सुधार
पहले कुछ खरीद केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग बंद होने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब इस प्रक्रिया में कुछ सुधार किया गया है और किसानों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर कपास बेचने की तारीख से संबंधित मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिन किसानों को अब तक मैसेज नहीं मिले हैं, उनसे संबंधित मार्केट कमेटी से संपर्क करने की अपील की गई है।
सेंटर की अवधि बढ़ाने की मांग
किसानों का कहना है कि छुट्टियों के कारण 15 मार्च तक केवल सात दिन ही खरीद हो पाएगी। ऐसे में इतने कम समय में सभी किसानों की कपास खरीद संभव नहीं है। इसलिए किसानों ने मांग की है कि CCI के खरीद केंद्रों को 15 मार्च के बजाय 31 मार्च तक खुला रखा जाए।
ग्रेड कम होने की भी आशंका
पिछले वर्ष CCI ने कॉटन की ग्रेडिंग और स्क्रीनिंग में कमी के चलते कुछ बार कपास का ग्रेड कम कर दिया था। इस साल भी ऐसी आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है कि कहीं उनकी कपास की गुणवत्ता को लेकर नुकसान न उठाना पड़े।
किसानों को बेहतर दाम की उम्मीद
सीजन की शुरुआत में बाजार में कपास के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम थे, इसलिए बड़ी संख्या में किसान कपास बेचने के लिए CCI केंद्रों की ओर गए। हालांकि जिले में अब तक काफी मात्रा में कपास की खरीद हो चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 20 से 25 प्रतिशत कपास ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के घरों में पड़ी है।
किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उनका कहना है कि खरीद केंद्रों को ज्यादा समय तक खुला रखना जरूरी है, ताकि सभी किसानों को अपनी कपास बेचने का मौका मिल सके।