जलगांव में खरीफ प्लानिंग: कपास का रकबा घटने के संकेत, मक्का में बढ़ोतरी की संभावना
जलगांव (महाराष्ट्र) में खरीफ सीजन को लेकर कृषि विभाग ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी सीजन के लिए जिले में कुल 7 लाख 39 हजार 736 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की योजना बनाई गई है, जिसके आधार पर बीजों की मांग का अनुमान तैयार किया गया है।
कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष कपास के रकबे में कमी की संभावना है। पिछले तीन वर्षों में जहां कपास की बुवाई लगभग 4.42 लाख हेक्टेयर में होती रही है, वहीं इस साल भी लगभग इसी स्तर पर सीमित रहने का अनुमान है। इसके लिए करीब 22.10 लाख बीटी कपास बीज पैकेट की मांग प्रस्तावित की गई है, जिसमें 21.85 लाख बीटी और 24 हजार नॉन-बीटी पैकेट शामिल हैं।
दूसरी ओर, सोयाबीन और मक्का के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी की उम्मीद है। मौसम विभाग द्वारा कम बारिश के अनुमान और कपास के अपेक्षाकृत कमजोर दामों के कारण किसान वैकल्पिक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
सोयाबीन का प्रस्तावित क्षेत्र 47,000 हेक्टेयर रखा गया है, जिसके लिए लगभग 24,675 क्विंटल बीज की मांग है। वहीं मक्का की खेती में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इस साल मक्का का प्रस्तावित क्षेत्र 1,75,036 हेक्टेयर है और इसके लिए 26,255 क्विंटल बीज की मांग की गई है।
इसके अलावा, अन्य फसलों के प्रस्तावित क्षेत्र और बीज मांग इस प्रकार हैं—
कपास: 4,42,000 हेक्टेयर – 9,950 क्विंटल
मक्का: 1,75,036 हेक्टेयर – 26,255 क्विंटल
सोयाबीन: 47,000 हेक्टेयर – 24,675 क्विंटल
ज्वारी: 15,500 हेक्टेयर – 1,550 क्विंटल
तुअर: 18,000 हेक्टेयर – 945 क्विंटल
मूंग: 17,500 हेक्टेयर – 578 क्विंटल
उड़द: 16,500 हेक्टेयर – 866 क्विंटल
बाजरा: 5,500 हेक्टेयर – 220 क्विंटल
कृषि विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में इस प्लान को अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक भी आयोजित की जाएगी।