आयात में तेज़ बढ़ोतरी
कच्चे कपास और अपशिष्ट का आयात अप्रैल-मई में 131% बढ़कर $189 मिलियन हो गया। इसी तरह, यार्न, फैब्रिक और मेड-अप का आयात भी करीब 19% बढ़कर $413 मिलियन पहुंच गया।
मई महीने में भी यह रुझान जारी रहा, जहां कच्चे कपास का आयात 133% बढ़ा।
कारण और विशेषज्ञ राय
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के राष्ट्रीय टेक्सटाइल समिति के चेयरमैन संजय के जैन के अनुसार, परिधान निर्यात में मजबूत वृद्धि भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं, उच्च MSP और आयात शुल्क के कारण घरेलू कपास की कीमतें वैश्विक कीमतों से अधिक बनी हुई हैं, जिससे कच्चे कपास का आयात बढ़ा है।
समग्र तस्वीर
हालांकि परिधान निर्यात में तेजी से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन टेक्सटाइल सेगमेंट में सुस्ती बनी हुई है। बढ़ते आयात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच उद्योग को संतुलन बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
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