भारत का T&A निर्यात $6.18 बिलियन पार, गारमेंट सेक्टर में मजबूत उछाल
2025-06-18 00:51:16
भारत का टेक्सटाइल-अपैरल निर्यात बढ़कर $6.18 बिलियन, परिधान सेक्टर में तेज़ी
नई दिल्ली: चालू वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के पहले दो महीनों (अप्रैल-मई) में भारत का टेक्सटाइल और अपैरल (T&A) निर्यात 5.36% बढ़कर $6.18 बिलियन पर पहुंच गया। इस दौरान परिधान (Garments) निर्यात में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि टेक्सटाइल निर्यात लगभग स्थिर रहा।
परिधान निर्यात 12.80% बढ़कर $2.88 बिलियन हो गया, जबकि टेक्सटाइल निर्यात 0.39% घटकर $3.29 बिलियन रहा। मई महीने में भी यही रुझान जारी रहा, जहां परिधान निर्यात मजबूत रहा, जबकि टेक्सटाइल सेगमेंट में हल्की कमजोरी देखी गई।
कुल निर्यात में बढ़ी हिस्सेदारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, कुल व्यापारिक निर्यात में T&A सेक्टर की हिस्सेदारी अप्रैल-मई के दौरान 8% और मई में 8.25% रही।
सेगमेंट वाइज प्रदर्शन
सूती धागा, कपड़ा, मेड-अप और हथकरघा उत्पादों का निर्यात 1.39% घटकर $1.93 बिलियन रहा
मानव निर्मित (MMF) यार्न और फैब्रिक निर्यात 1.41% बढ़कर $793 मिलियन हुआ
कालीन निर्यात में 2.07% की बढ़त के साथ $246.9 मिलियन तक पहुंचा
आयात में तेज़ बढ़ोतरी कच्चे कपास और अपशिष्ट का आयात अप्रैल-मई में 131% बढ़कर $189 मिलियन हो गया। इसी तरह, यार्न, फैब्रिक और मेड-अप का आयात भी करीब 19% बढ़कर $413 मिलियन पहुंच गया।
मई महीने में भी यह रुझान जारी रहा, जहां कच्चे कपास का आयात 133% बढ़ा।
कारण और विशेषज्ञ राय इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के राष्ट्रीय टेक्सटाइल समिति के चेयरमैन संजय के जैन के अनुसार, परिधान निर्यात में मजबूत वृद्धि भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं, उच्च MSP और आयात शुल्क के कारण घरेलू कपास की कीमतें वैश्विक कीमतों से अधिक बनी हुई हैं, जिससे कच्चे कपास का आयात बढ़ा है।
समग्र तस्वीर हालांकि परिधान निर्यात में तेजी से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन टेक्सटाइल सेगमेंट में सुस्ती बनी हुई है। बढ़ते आयात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच उद्योग को संतुलन बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।