कम वैश्विक कीमतों से भारत का कपास आयात रिकॉर्ड स्तर पर, FY25 में 39 लाख गांठ तक पहुँचा
2025-08-18 18:14:21
भारत का कपास आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, FY25 में 39 लाख गांठ तक अनुमान
कम वैश्विक कीमतों और मिलों की बढ़ती मांग के चलते भारत का कपास आयात फसल वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। सितंबर में समाप्त होने वाले इस वर्ष में आयात लगभग 39 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) तक पहुँचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 15.20 लाख गांठों से दोगुने से भी अधिक है।
Cotton Association of India (CAI) के अध्यक्ष अतुल गणात्रा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की कीमतें कम होने और बेहतर गुणवत्ता वाली (कम अशुद्धियों वाली) कपास की मिलों की बढ़ती मांग के कारण आयात में तेज वृद्धि हुई है।
घरेलू कीमतें वैश्विक बाजार से महंगी
गणात्रा ने बताया कि वर्तमान में भारत में कपास की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में लगभग 10–12% अधिक हैं, जिससे आयात अधिक आकर्षक बन गया है। यही कारण है कि भारत का कपास आयात रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुँच गया है।
पहले भी 2022–23 में आयात 31 लाख गांठ तक पहुँच चुका था, जब घरेलू कीमतें रिकॉर्ड स्तर लगभग ₹1 लाख प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) तक चली गई थीं।
नए कॉन्ट्रैक्ट और आयात प्रवृत्ति
CAI अध्यक्ष ने बताया कि अगले फसल वर्ष के लिए भी आयात सौदे शुरू हो चुके हैं, क्योंकि वैश्विक कीमतें अभी भी अपेक्षाकृत कम हैं। पिछले 10 दिनों में ही अक्टूबर–नवंबर–दिसंबर डिलीवरी के लिए लगभग 1.5 लाख गांठों के कॉन्ट्रैक्ट किए गए हैं।
आयात के प्रमुख स्रोत देश
आयातित कपास का बड़ा हिस्सा ब्राज़ील से आ रहा है, जबकि अफ्रीकी देशों और ऑस्ट्रेलिया से भी आपूर्ति हो रही है। अलग-अलग शुल्क संरचनाओं के कारण इन देशों से आयात अलग-अलग लागत पर हो रहा है।
आयात में तेज वृद्धि के आंकड़े
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल–जुलाई 2024 के दौरान कपास (कच्चा और अपशिष्ट) आयात में डॉलर मूल्य के हिसाब से 61% की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में आयात $238.30 मिलियन से बढ़कर $383.22 मिलियन हो गया।
पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा $1.219 बिलियन तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष के $598.66 मिलियन से 104% अधिक है।
उत्पादन और मांग का संतुलन
CAI के अनुमान के अनुसार, 2024-25 में कपास उत्पादन 311.4 लाख गांठ रहने की संभावना है, जबकि घरेलू मांग 314 लाख गांठ तक पहुँच सकती है। इस दौरान अंतिम स्टॉक बढ़कर 57.59 लाख गांठ रहने का अनुमान है।