ICAC का अनुमान: 2026/27 सीज़न में वैश्विक कपास उत्पादन और व्यापार में हल्की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय कपास सलाहकार समिति (ICAC) की जून 2026 की रिपोर्ट ‘Cotton This Month’ के अनुसार, 2026/27 सीज़न में वैश्विक कपास क्षेत्र, उत्पादन और व्यापार में मामूली गिरावट आने की संभावना है। रिपोर्ट में इसका कारण कमजोर मांग, बढ़ती उत्पादन लागत और प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्रों में बदलती जलवायु परिस्थितियों को बताया गया है।
ICAC के अनुमान के अनुसार, वैश्विक कपास क्षेत्र में 1 प्रतिशत की कमी आकर यह 30.1 मिलियन हेक्टेयर रह जाएगा। उत्पादन में 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 25.7 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जबकि वैश्विक व्यापार 1.4 प्रतिशत घटकर लगभग 9.5 मिलियन टन रह सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत में उर्वरकों की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण मध्य-पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संबंधी बाधाएं हैं। इसके अलावा, कई देशों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी कपास उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं। अमेरिका में अधिकांश कपास फसल सूखे की चपेट में है, ऑस्ट्रेलिया गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है और पाकिस्तान में कीट प्रकोप तथा अनिश्चित मौसम उत्पादन के लिए चुनौती बने हुए हैं। वहीं, मक्का जैसी प्रतिस्पर्धी फसलों और सिंथेटिक फाइबर से बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी कपास क्षेत्र पर दबाव बना रही है।
देशवार अनुमान में चीन दुनिया का सबसे बड़ा कपास उत्पादक बना रहेगा। हालांकि वहां कपास क्षेत्र में 0.5 प्रतिशत और उत्पादन में 4 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है, जिससे उत्पादन लगभग 7 मिलियन टन रह सकता है। अनुकूल मौसम और उच्च उत्पादकता चीन की स्थिति को मजबूत बनाए रखेंगे।
अमेरिका में कपास क्षेत्र 6 प्रतिशत घटकर 2.9 मिलियन हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जबकि उत्पादन 4 प्रतिशत घटकर 2.8 मिलियन टन रह सकता है। इसके बावजूद उत्पादकता और निर्यात में मामूली वृद्धि की संभावना जताई गई है।
लगातार चार वर्षों की वृद्धि के बाद ब्राज़ील में कपास क्षेत्र और उत्पादन दोनों में कमी आने का अनुमान है। उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 3.8 मिलियन टन रह सकता है। दूसरी ओर, भारत कपास क्षेत्रफल के मामले में अग्रणी बना हुआ है। सामान्य मानसून के पूर्वानुमान के कारण देश में उत्पादन में 8 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है, जिसका अधिकांश हिस्सा घरेलू खपत और धागा निर्यात में उपयोग हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में सूखे और सीमित सिंचाई संसाधनों के कारण उत्पादन लगभग 937,000 टन रहने का अनुमान है, जबकि पाकिस्तान में खराब बीज गुणवत्ता, कीटों के प्रकोप और प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन 18 प्रतिशत घटकर करीब 900,000 टन रह सकता है।
ICAC ने 2025/26 सीज़न के लिए Cotlook A Index का अनुमान 75 से 80 सेंट प्रति पाउंड के बीच रखा है, जिसका मध्य बिंदु 78 सेंट प्रति पाउंड है। रिपोर्ट का अगला अंक 1 जुलाई 2026 को जारी किया जाएगा।
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