भारत–अमेरिका व्यापार समझौता: सहमति के बाद भी निर्यात में गिरावट
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बावजूद जनवरी में अमेरिका को भारत के निर्यात में 21.77% की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 6.6 अरब डॉलर रह गया। कुल निर्यात में मामूली वृद्धि बाजार विविधीकरण के कारण संभव हो सकी।
जनवरी में भारत का कुल निर्यात 0.61% बढ़कर 36.56 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 19.2% बढ़कर 71.24 अरब डॉलर हो गया। आयात में तेज बढ़ोतरी से व्यापार घाटा बढ़कर 34.68 अरब डॉलर पहुंच गया।
अमेरिका ने अगस्त 2025 से भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया था, जिसमें अतिरिक्त 25% शुल्क भी शामिल था। बाद में समझौते के तहत अतिरिक्त शुल्क हटा लिया गया और पारस्परिक टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया, जिससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिली।
अप्रैल–जनवरी अवधि में अमेरिका को भारत का निर्यात 5.85% बढ़कर 72.46 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 13.87% बढ़कर 43.92 अरब डॉलर हो गया। हालांकि कुछ महीनों में गिरावट भी देखी गई।
अमेरिकी बाजार में कमजोरी के बीच भारत ने चीन और अन्य देशों की ओर रुख किया। चीन को निर्यात में तेज वृद्धि हुई, लेकिन आयात भी अधिक रहा, जिससे व्यापार घाटा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार विविधीकरण से आगे चलकर स्थिति बेहतर हो सकती है।