FY27 में कॉटन यार्न उद्योग के मार्जिन 150-200 बेसिस पॉइंट बढ़ने की उम्मीद: CareEdge Ratings
2026-06-17 12:40:07
Q4 में मजबूत रिकवरी के बाद कॉटन यार्न इंडस्ट्री के मार्जिन में 150-200 बेसिस पॉइंट्स सुधार की उम्मीद: CareEdge Ratings
करीब तीन वर्षों तक दबाव झेलने के बाद भारतीय कॉटन यार्न उद्योग ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। CareEdge Ratings की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अनुकूल मांग-आपूर्ति परिस्थितियों और बेहतर मूल्य निर्धारण के चलते वित्त वर्ष 2027 में उद्योग के ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन में 150 से 200 बेसिस पॉइंट्स तक सुधार होने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिकवरी को कई सकारात्मक कारकों का समर्थन मिला है। इनमें अमेरिकी टैरिफ संबंधी अनिश्चितताओं में कमी, परिधान एवं होम टेक्सटाइल निर्यातकों से बढ़ते ऑर्डर, चीन से मांग में पुनरुद्धार तथा भारत-यूके और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर बेहतर कारोबारी माहौल शामिल हैं।
CareEdge Ratings ने कहा कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन तथा मूल्य निर्धारण का अनुकूल वातावरण वित्त वर्ष 2027 में भी जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इसके बाद की स्थिति चीन की मांग, कपास की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक स्तर पर डाउनस्ट्रीम खपत में सुधार की गति पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट में उद्योग के लिए आपूर्ति पक्ष में हुए संरचनात्मक बदलावों को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। पिछले कुछ वर्षों में लगभग 10 से 12 मिलियन स्पिंडल क्षमता बाजार से बाहर हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप प्रभावी क्षमता घटकर करीब 40 से 44 मिलियन स्पिंडल रह गई है। इससे संगठित कंपनियों के लिए मांग-आपूर्ति संतुलन बेहतर हुआ है और मूल्य निर्धारण अधिक टिकाऊ बना है।
बेहतर मांग, सीमित आपूर्ति और कपास की कीमतों में स्थिरता के कारण कॉटन यार्न स्प्रेड में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 में यह स्प्रेड लगभग 95-100 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो बढ़कर 120-125 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 तक कपास पर आयात शुल्क हटाए जाने से घरेलू और वैश्विक कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे वित्त वर्ष 2027 में भी स्प्रेड के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
CareEdge Ratings का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में भारतीय स्पिनिंग उद्योग का राजस्व सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत बढ़ेगा। इसमें 3 से 4 प्रतिशत की वृद्धि उत्पादन/वॉल्यूम विस्तार से आएगी, जबकि शेष योगदान बेहतर बिक्री प्राप्ति (सेल्स रियलाइज़ेशन) से मिलने की उम्मीद है।