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सीएमडी अतुल गणात्रा: व्यापार में हेजिंग है जरूरी

2026-02-18 11:29:08
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राधा लक्ष्मी ग्रुप के सीएमडी श्री अतुल गणात्रा जी बोले — हर व्यापारी को करनी चाहिए हेजिंग |


राधा लक्ष्मी ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) ने ज़ी बिज़नेस से खास बातचीत में कहा कि हर व्यापारी को हेजिंग (Hedging) का इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए।


उन्होंने बताया कि NCDEX का “कपास” और “खली” कॉन्ट्रैक्ट किसानों और जिनर्स (Ginners) के लिए अत्यंत उपयोगी है। पहले भारत में MCX पर कॉटन का प्लेटफ़ॉर्म मौजूद था, जहां व्यापारी हेजिंग कर पाते थे। लेकिन अब MCX के कॉन्ट्रैक्ट में लिक्विडिटी नहीं रही है, जिससे वहाँ कारोबार ठप-सा हो गया है। ऐसे में NCDEX का कपास कॉन्ट्रैक्ट कपास व्यापारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण और लाभदायक साबित हो रहा है।


सीएमडी ने बताया कि इस साल ज़्यादातर जिनर्स ने कपास बीज (Cotton Seed) का बड़ा स्टॉक जमा कर रखा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार फसल अधिक होने की संभावना है — पिछले साल जहां 312 लाख बेल (bales) का उत्पादन हुआ था, वहीं इस वर्ष 317 लाख बेल का अनुमान है। फसल बढ़ने के कारण बीज के भाव में गिरावट आई है। ऐसे में जिनर्स के लिए यह सही समय है कि वे अपने स्टॉक को सुरक्षित रखने हेतु हेजिंग करें। NCDEX के कपास और खली दोनों कॉन्ट्रैक्ट इस काम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।


उन्होंने आगे बताया कि केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal द्वारा हाल ही में दिए गए बयान के अनुसार, जो व्यापारिक समझौता (Trade Deal) बांग्लादेश को मिला है, वही ऑफर भारत को भी प्राप्त हुआ है। यदि यह समझौता साकार होता है, तो अमेरिका से आयातित कॉटन ड्यूटी-फ्री (Duty-Free) हो सकता है। वर्तमान में भारत जनवरी 2026 तक लगभग 35–40 लाख बेल कॉटन का आयात कर चुका है, और यदि यह डील लागू होती है तो 10–15 लाख बेल का अतिरिक्त आयात संभव है। इससे घरेलू कॉटन मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन किसानों पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि CCI (Cotton Corporation of India) पहले ही लगभग 95–97 लाख बेल कॉटन एमएसपी ₹8100 प्रति क्विंटल पर खरीद चुकी है।


इसलिए यह कहा जा सकता है कि यह ट्रेड डील पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए बेहद सकारात्मक साबित होगी।

उन्होंने आगे कहा कि जिनर्स ने इस बार कॉटन बीज और कॉटन बेल्स दोनों का पर्याप्त स्टॉक किया है। जनवरी में आई तेजी के दौरान सभी जिनिंग फैक्ट्रियों ने स्टॉक बढ़ा लिया था — वर्तमान में जिनर्स के पास लगभग 35–40 लाख बेल्स और CCI के पास 95 लाख बेल्स का स्टॉक है। पिछले 15 दिनों में कॉटन की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट आई है। ऐसे में जिनर्स के लिए NCDEX का प्लेटफ़ॉर्म बेहद उपयोगी है, क्योंकि यहाँ कपास खली में पर्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध है।


सीएमडी ने सुझाव दिया —

“अगर किसी जिनर के पास 200 ट्रक कॉटन सीड का स्टॉक है, तो वह 50–100 लॉट बेचकर हेजिंग कर सकता है। इससे उसका स्टॉक सुरक्षित रहेगा। हेजिंग के लिए यह एक उत्कृष्ट प्लेटफ़ॉर्म है और हर जिनर को इसका उपयोग करना चाहिए ताकि वह जोखिम से सुरक्षित रह सके।”

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Team Sis
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