FY27 में कॉटन यार्न उद्योग की मजबूत रिकवरी की उम्मीद, राजस्व 9-11% बढ़ने का अनुमान

2026-07-28 13:11:57
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कॉटन यार्न इंडस्ट्री में FY27 में मजबूत रिकवरी की उम्मीद, रेवेन्यू 9-11% बढ़ने का अनुमान

भारत की कॉटन यार्न इंडस्ट्री में वित्त वर्ष 2027 में मजबूत रिकवरी की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026 में लगभग स्थिर रहने के बाद इंडस्ट्री का रेवेन्यू 9-11% बढ़ने का अनुमान है। इस वृद्धि को 6-8% बेहतर यार्न रियलाइजेशन और 2-4% वॉल्यूम ग्रोथ से समर्थन मिलेगा। एक्सपोर्ट में सुधार और रेडीमेड गारमेंट्स व होम टेक्सटाइल्स जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड डाउनस्ट्रीम सेगमेंट्स में मांग बढ़ने से इंडस्ट्री को मजबूती मिलने की संभावना है।

क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, रेवेन्यू में सुधार के साथ कॉटन यार्न निर्माताओं की लाभप्रदता में भी सुधार होने की उम्मीद है। ऑपरेटिंग मार्जिन में 150-250 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसे बेहतर कॉटन-यार्न स्प्रेड्स का समर्थन मिलेगा। क्रिसिल रेटिंग्स के पोर्टफोलियो में शामिल करीब 70 कॉटन स्पिनिंग कंपनियों के विश्लेषण से पता चलता है कि बेहतर कमाई से कैश फ्लो मजबूत होगा और कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार आएगा।

क्रिसिल रेटिंग्स लिमिटेड के डायरेक्टर अंकुश त्यागी ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में एक्सपोर्ट कॉटन यार्न निर्माताओं के लिए ग्रोथ का प्रमुख आधार रहेगा। एक्सपोर्ट रेवेन्यू में 12-14% की वृद्धि का अनुमान है, जिससे इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी बढ़कर 30-31% हो सकती है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह करीब 28% थी।

चीन और बांग्लादेश जैसे प्रमुख बाजारों से बढ़ती मांग एक्सपोर्ट ग्रोथ को समर्थन दे सकती है। चीन में घरेलू कॉटन उत्पादन क्षेत्र में कमी से आयात की जरूरत बढ़ने की संभावना है। वहीं, बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता में सुधार से वहां की रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में रिकवरी आने की उम्मीद है।

घरेलू बाजार, जो इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का करीब 70% हिस्सा है, में भी वित्त वर्ष 2027 में 7-9% की वृद्धि का अनुमान है। US टैरिफ व्यवस्था में सामान्यीकरण और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड डाउनस्ट्रीम सेगमेंट्स में बेहतर ऑफटेक से घरेलू मांग को समर्थन मिल सकता है।

कॉटन की कीमतों में 10-15% की बढ़ोतरी के बावजूद, मजबूत मांग के चलते कॉटन-यार्न स्प्रेड वित्त वर्ष 2027 में ₹108-110 प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकता है। इससे ऑपरेटिंग मार्जिन 11-12% तक मजबूत होने की उम्मीद है।

क्रिसिल रेटिंग्स के एसोसिएट डायरेक्टर प्रणव शांडिल के अनुसार, बेहतर ऑपरेटिंग प्रॉफिट से कैश संचय मजबूत होगा, जिससे कंपनियों को नियमित कैपेक्स और बैलेंस शीट को मजबूत करने में मदद मिलेगी। गियरिंग लगभग 0.55-0.60 गुना और इंटरेस्ट कवरेज 4.25-4.50 गुना रहने का अनुमान है।

हालांकि, एल नीनो के कारण कॉटन उत्पादन पर संभावित असर, घरेलू और वैश्विक कॉटन कीमतों में बड़ा अंतर और भविष्य में किसी भी टैरिफ बदलाव जैसे जोखिमों पर नजर रखनी होगी।


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