कपास की कीमतों में बड़ा मोड़: खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को राहत
कपास किसानों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र्र में गारंटीशुदा दर (MSP) पर कपास खरीद की अवधि बढ़ा दी है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है और बाजार में फिर से हलचल बढ़ने की उम्मीद है।
करीब एक महीने पहले तक जिले की कृषि उपज मंडियों में कपास को अच्छा भाव मिल रहा था। निजी व्यापारियों और ग्रामीण स्तर पर होने वाली खरीद के कारण कपास का भाव लगभग 8,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था।
हालांकि बाद में बाजार में मांग कम होने से कीमतों में गिरावट शुरू हो गई। वर्तमान में मंडियों में कपास का भाव 7,000 से 7,200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ है।
कीमतों में गिरावट के कारण कई किसानों ने अपनी कपास बेचने के बजाय घरों में ही भंडारण कर लिया है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बाजार में मांग बढ़ने के साथ कीमतों में सुधार हो सकता है, इसलिए वे बेहतर भाव का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच, कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के माध्यम से गारंटीशुदा दर पर कपास खरीद की अंतिम तिथि पहले 27 फरवरी तय की गई थी। समय सीमा समाप्त होने के कारण किसानों में चिंता का माहौल था और खरीद अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
किसानों की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने गारंटीशुदा दर पर कपास खरीद की अवधि 15 मार्च तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
मौजूदा कम बाजार भाव को देखते हुए अब कई किसान सीसीआई के खरीद केंद्रों पर गारंटीशुदा दर पर कपास बेचने का रुख कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इन केंद्रों पर कपास की आवक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल जिले में सीसीआई के माध्यम से नौ खरीद केंद्रों पर कपास की खरीद की जा रही है। इनमें चिखलगांव, बोरगांवमंजू, अकोट-1, अकोट-2, चोहोट्टा बाजार, तेलहारा, पारस, बार्शीटाकली और मुर्तिजापुर शामिल हैं।
सरकार द्वारा दी गई इस मोहलत से कपास किसानों को कुछ राहत मिली है। वहीं बाजार समितियों और निजी खरीदारों का मानना है कि आने वाले समय में कपास की कीमतों में सुधार हो सकता है, इसलिए किसान भी अब बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।