कॉटन मार्केट: कपास की कीमतों में एक हफ्ते में 5.24% की बढ़ोतरी, किसानों को मिल रहे MSP से अधिक भाव
देश के कपास बाज़ार में एक बार फिर मजबूती देखने को मिल रही है। मंडियों में कपास की आवक लगातार घटने से कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई है। 28 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान देश में कपास का औसत बाज़ार भाव बढ़कर ₹8,902 प्रति क्विंटल पहुंच गया, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 5.24% अधिक है। नए कपास सीज़न की शुरुआत से पहले आई यह तेजी कपास उत्पादक किसानों के लिए राहतभरी खबर मानी जा रही है।
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह मंडियों में कपास की आवक में आई भारी गिरावट है। पिछले सप्ताह के मुकाबले देशभर की कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) में कपास की कुल आवक 23.54% कम रही। महाराष्ट्र में इसका असर सबसे अधिक देखने को मिला, जहां मंडियों में कपास की आवक में 54.75% की गिरावट दर्ज की गई। सीमित स्टॉक के कारण व्यापारियों के बीच खरीद की प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जिससे बाज़ार भाव मजबूत हुए।
केंद्र सरकार ने 2025-26 सीज़न के लिए मीडियम-स्टेपल कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹7,410 प्रति क्विंटल तय किया था, जबकि 2026-27 सीज़न के लिए इसे बढ़ाकर ₹8,267 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वर्तमान में खुले बाज़ार में मिल रहा औसत भाव नए MSP से भी अधिक है। ऐसे में किसान सरकारी खरीद केंद्रों के बजाय खुले बाज़ार में बिक्री कर बेहतर दाम प्राप्त कर रहे हैं।
प्रमुख मंडियों की बात करें तो अमरावती में कपास का औसत भाव ₹8,955 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा। इसके अलावा राजकोट में ₹8,902, परभणी में ₹8,304 और बुलढाणा में ₹8,200 प्रति क्विंटल का औसत भाव दर्ज हुआ।
आने वाले दिनों में कपास की कीमतों का रुख नए सीज़न की बुवाई, मॉनसून की प्रगति, घरेलू मांग और वैश्विक बाज़ार की स्थिति पर निर्भर करेगा। हालांकि, जब तक पुराने सीज़न का स्टॉक सीमित रहेगा, तब तक कीमतों को समर्थन मिलने की संभावना बनी रह सकती है। इसलिए जिन किसानों के पास अभी भी कपास का स्टॉक है, वे बाज़ार की गतिविधियों पर नज़र रखते हुए उचित समय पर बिक्री का फैसला कर सकते हैं।