हालांकि उत्पादन में कमी के बावजूद किसानों को अपेक्षित भाव नहीं मिल पा रहा है। बाजार में आवक धीरे-धीरे घट रही है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते कीमतों में सुधार सीमित है।
मार्च में बाजार की स्थिति:
आमतौर पर मार्च में आवक घटने से कीमतों में सुधार होता है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग है। वर्तमान में देशभर में कपास के भाव 7,000 से 7,300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बने हुए हैं। रोजाना लगभग 90,000 से 1 लाख गांठ की आवक हो रही है। आगे आवक में गिरावट की संभावना है, लेकिन इसका कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
CCI की खरीद का असर:
CCI अब तक 94 लाख गांठ कपास खरीद चुका है, जिसमें से 28 लाख गांठ महाराष्ट्र से खरीदी गई है। उद्योग से कमजोर मांग के कारण CCI को कुल बाजार हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा खरीदना पड़ा है। हालांकि हाल के हफ्तों में खरीद की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, जिससे खुले बाजार को थोड़ी मजबूती मिली है।
इसी वजह से किसान अब खुले बाजार में बिक्री को प्राथमिकता दे रहे हैं। बावजूद इसके, कीमतों में बड़ी तेजी के संकेत फिलहाल नहीं हैं। ऐसे में किसानों को अपनी बिक्री रणनीति सोच-समझकर तय करने की सलाह दी जा रही है।
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