FY27 बजट से कपड़ा निर्यात को मजबूती मिलेगी: CITI
नई दिल्ली: भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (CITI) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कपड़ा और परिधान क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, निर्यात प्रोत्साहन देने और रोजगार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। संगठन ने कहा कि बजट सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिससे यह क्षेत्र वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक अस्थिरताओं के प्रति अधिक लचीला बन सके।
CITI के अध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि घोषित उपाय कपड़ा और परिधान उद्योग को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने के साथ-साथ विकसित भारत मिशन में योगदान को मजबूत करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और कपड़ा मंत्रालय के प्रति आभार जताया और कहा कि ये पहल उद्योग को नवाचार, टिकाऊ उत्पादन और अधिक रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाएंगी।
बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गई हैं, जिनमें राष्ट्रीय फाइबर मिशन, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल, टेक्स-इको पहल, चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण, कपड़ा विस्तार और रोजगार कार्यक्रम, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम और समर्थ 2.0 कौशल विकास योजना शामिल हैं। चंद्रन ने कहा कि ये पहल स्थानीय निर्माताओं को अधिक कुशल, अभिनव और टिकाऊ बनाने और वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति बढ़ाने में मदद करेंगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कपास आधारित उत्पादों पर आयात शुल्क हटाने की कोई प्रत्यक्ष घोषणा नहीं की गई। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि ये उत्पाद भारत के कुल कपड़ा और परिधान बाजार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसके साथ ही चंद्रन ने टिकाऊ उत्पादन मॉडल अपनाने के लिए एमएसएमई को प्रत्यक्ष निवेश सहायता देने वाली समर्पित योजना की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जो आगामी भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लाभ उठाने में भी मदद करेगी।
CITI ने निर्यातकों के लिए निर्यात प्राप्ति अवधि को छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष करने, माल ढुलाई गलियारों के माध्यम से लॉजिस्टिक्स सुधार, निर्यात-आयात प्रक्रियाओं का सरलीकरण और विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति के गठन के प्रस्तावों का भी स्वागत किया। चंद्रन ने कहा कि संगठन 2030 तक 350 अरब डॉलर के कपड़ा और परिधान उद्योग और 100 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
कपड़ा और परिधान उद्योग देश में रोजगार और आजीविका का दूसरा सबसे बड़ा जनरेटर है और यह सकल घरेलू उत्पाद तथा देश के कुल निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है। 27 अगस्त, 2025 से लागू अमेरिकी 50 प्रतिशत टैरिफ ने इस क्षेत्र पर विपरीत प्रभाव डाला है, क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा कपड़ा निर्यात बाजार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का अमेरिका को कपड़ा और परिधान निर्यात लगभग 11 बिलियन डॉलर रहा, जो इस क्षेत्र के कुल निर्यात का लगभग 28 प्रतिशत था।
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