सीसीआई कुक्षी मंडी में कपास खरीदी का अंतिम दिन:1.92 लाख क्विंटल की रिकॉर्ड खरीदी से मिले अच्छे दाम; किसानों के चेहरे खिले
भारतीय कपास निगम की ओर से कुक्षी मंडी में समर्थन मूल्य पर की जा रही कपास खरीदी का अंतिम दिन है। मंडी सचिव ने इस संबंध में किसानों को पहले ही सूचित कर दिया था। इस सीजन में सीसीआई ने कुक्षी केंद्र से रिकॉर्ड 1.92 लाख क्विंटल कपास खरीदा।
व्यापारियों से 1000 रुपए प्रति क्विंटल तक ज्यादा मिले दाम
सीसीआई के खरीदी अधिकारी उदय पाटिल ने बताया कि इस बार निगम ने 7650 रुपए से लेकर 8010 रुपए प्रति क्विंटल तक की दर से कपास खरीदा है। विशेष रूप से नवंबर और दिसंबर के महीनों में सीसीआई के भाव खुले बाजार के व्यापारिक भावों की तुलना में लगभग 1000 रुपए प्रति क्विंटल तक अधिक रहे। इस भारी अंतर के कारण पंजीकृत किसानों को सीधा और बड़ा आर्थिक लाभ पहुंचा है।
40 हजार रुई की गठानों का निर्माण
मंडी में हुई इस बंपर खरीदी का असर स्थानीय उद्योगों पर भी दिखा है। खरीदे गए कपास से अनुबंध डाइनिंग फैक्ट्रियों में अब तक लगभग 40 हजार रुई की गठानें तैयार की जा चुकी हैं।
पिछले तीन महीनों से सीसीआई की सक्रियता के चलते कुक्षी मंडी में कपास उत्पादकों का रुझान काफी बढ़ा रहा, जिसका सकारात्मक असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।
मंडी राजस्व में भी हुई बढ़ोतरी
कुक्षी मंडी सचिव एच.एस. जमरा के अनुसार, अच्छे दाम मिलने की खबर से मंडी में कपास की आवक का सैलाब उमड़ पड़ा। पिछले 90 दिनों से मंडी में प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक वाहनों से कपास पहुंच रहा था।
आवक में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी की वजह से मंडी शुल्क के रूप में मिलने वाले सरकारी राजस्व में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। कल खरीदी का अंतिम दिन होने के कारण शेष किसानों से अपनी उपज लेकर समय पर पहुँचने की अपील की गई है।