भावनगर जिले में कपास और मूंगफली की रिकॉर्ड बुवाई, किसानों को अच्छे भाव की उम्मीद
भावनगर: जिले के किसानों के लिए इस साल का खरीफ सीजन काफी उत्साहजनक दिखाई दे रहा है। अच्छी बारिश और अनुकूल मौसम के चलते किसानों ने कपास और मूंगफली की बड़े पैमाने पर बुवाई की है। जुलाई के तीसरे सप्ताह के अंत तक जिले में 3,58,100 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है। यह जिले के कुल 4,44,000 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र का 80.65 प्रतिशत है।
इस साल जिले में कपास की खेती का रकबा सबसे अधिक रहा है। तलाजा और महुवा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने कपास की बुवाई को प्राथमिकता दी है। वहीं, मूंगफली की खेती भी बड़े क्षेत्र में की गई है। किसानों को उम्मीद है कि पर्याप्त बारिश और बेहतर मौसम के कारण दोनों फसलों का उत्पादन अच्छा रहेगा।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 2,16,000 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हुई है, जो कुल खरीफ बुवाई का करीब 56 प्रतिशत है। इसके अलावा 1,16,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की गई है। दोनों प्रमुख फसलों के बढ़े हुए रकबे से किसानों में बेहतर पैदावार और आय की उम्मीद जगी है।
किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मानसून सामान्य रहा तो कपास और मूंगफली की फसल बेहतर हो सकती है। खासकर कपास के अच्छे उत्पादन के साथ बाजार में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद किसानों को है।
जिला कृषि अधिकारी ने भी बताया कि इस वर्ष भावनगर जिले में कपास की बुवाई बड़े स्तर पर हुई है। कृषि विभाग लगातार फसलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भावनगर जिले में अब तक करीब 51 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। समय-समय पर हो रही बारिश से फसलों को आवश्यक नमी मिल रही है। जहां कुछ अन्य जिलों में अत्यधिक बारिश से नुकसान की स्थिति बनी है, वहीं भावनगर में अब तक मौसम खेती के अनुकूल रहा है।
किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का क्रम अच्छा बना रहा तो कपास और मूंगफली का उत्पादन बढ़ सकता है। बेहतर पैदावार और अच्छे बाजार भाव मिलने से इस खरीफ सीजन में किसानों की आय में सुधार की संभावना है।