मौसम और कीटों की दोहरी मार
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, शुरुआती गर्मी के कारण पौधे झुलस गए, जिससे पौधों की संख्या कम हुई। इसके बाद सितंबर में भारी बारिश और जलभराव से पैराविल्ट की समस्या बढ़ी, जिससे फसल को और नुकसान हुआ।
किसानों को आर्थिक झटका
किसानों का कहना है कि औसत पैदावार घटकर 5 क्विंटल प्रति एकड़ से भी कम रह गई है, जबकि लागत निकालने के लिए कम से कम 8 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन जरूरी है। मौजूदा कीमतों पर उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है।
कपास रकबा और स्थिति
हरियाणा में कपास और धान प्रमुख खरीफ फसलें हैं। 2023-24 में राज्य ने करीब 7 लाख हेक्टेयर में कपास बुवाई का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक करीब 6.27 लाख हेक्टेयर में ही बुवाई हो सकी है।