News Details

मनावर में खरीफ बुवाई अंतिम चरण में, 28 हजार हेक्टेयर में कपास और सोयाबीन की खेती

2026-07-11 12:20:38
First slide


मनावर में खरीफ बोवनी लगभग पूरी, 28 हजार हेक्टेयर में कपास और सोयाबीन की खेती; बारिश से फसलों को मिला फायदा

मनावर: मध्य प्रदेश के मनावर क्षेत्र में खरीफ सीजन की बोवनी लगभग पूरी हो चुकी है। इस वर्ष किसानों ने करीब 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्रमुख खरीफ फसलों की बुआई की है। इनमें लगभग 21 हजार हेक्टेयर में कपास और 7 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की गई है। पिछले 24 घंटों में हुई एक इंच से अधिक बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी है, जिससे फसलों की शुरुआती बढ़वार को बड़ा लाभ मिला है।

कृषि विभाग के अनुसार, समय पर सक्रिय हुए मानसून के कारण किसानों ने निर्धारित अवधि के भीतर बोवनी का कार्य पूरा कर लिया। हाल की बारिश से विशेष रूप से सोयाबीन की फसल का अंकुरण बेहतर हुआ है और खेतों में पौधों की वृद्धि संतोषजनक दिखाई दे रही है।

कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) महेश बर्मन ने बताया कि शुरुआती चरण में मिली नमी फसलों के विकास के लिए बेहद लाभदायक है। उन्होंने कहा कि अब अधिकांश किसान खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाइयों का छिड़काव शुरू कर चुके हैं। समय पर किए गए इन कृषि कार्यों से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्थानीय किसान राजू देवड़ा ने बताया कि मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश बुधवार तक लगातार जारी रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होगी। उनका कहना है कि यदि जुलाई के शेष दिनों में भी पर्याप्त वर्षा होती रही तो कपास और सोयाबीन दोनों फसलों की बढ़वार अच्छी रहेगी और उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना बनेगी।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल की शुरुआती अवस्था में पर्याप्त नमी मिलना अच्छी पैदावार के लिए महत्वपूर्ण होता है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों का नियमित निरीक्षण करने, जलभराव से बचाव करने तथा खरपतवार, कीट और रोगों के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन और समय पर देखभाल से उत्पादन लागत कम करने के साथ बेहतर उपज प्राप्त की जा सकती है। किसान भी मौसम की अनुकूल स्थिति को देखते हुए आगामी दिनों में फसलों की नियमित निगरानी और आवश्यक कृषि कार्यों में जुटे हुए हैं।


और पढ़ें :- 

बेहतर मानसून से जुलाई में तेज हुई कपास की बुवाई, फिर भी पिछले साल से पीछे



Regards
Team Sis
Any query plz call 9111977771

https://wa.me/919111977775

Related News

Circular

मनावर में खरीफ बुवाई अंतिम चरण में, 28 हजार हेक्टेयर में कपास और सोयाबीन की खेती
Application Download
Whatsapp Contact