भारत-यूके व्यापार समझौता लागू, निर्यात को बढ़ावा और आयात होगा सस्ता
2026-07-16 17:47:35
भारत-UK ट्रेड पैक्ट शुरू: सस्ता इंपोर्ट, एक्सपोर्ट के बड़े मौके
भारत और यूनाइटेड किंगडम ने आधिकारिक तौर पर अपने 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट' (CETA) को लागू कर दिया है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों में एक बड़ी उपलब्धि है। बुधवार से लागू हुए इस समझौते के तहत हज़ारों प्रोडक्ट्स पर टैरिफ (आयात शुल्क) खत्म या कम कर दिए गए हैं, जिससे कई सामान सस्ते हो गए हैं और दोनों देशों में बिज़नेस और प्रोफेशनल्स के लिए नए मौके खुले हैं।
इस समझौते के तहत, UK ने लगभग सभी भारतीय एक्सपोर्ट पर ड्यूटी हटा दी है, जिससे टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल और प्रोसेस्ड फूड जैसे सेक्टर को ब्रिटिश बाज़ार में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिल गया है। उम्मीद है कि UK में भारतीय मसाले, फल और सब्ज़ियां भी ज़्यादा कॉम्पिटिटिव (प्रतिस्पर्धी) हो जाएंगी।
भारतीय ग्राहकों के लिए, व्हिस्की, चॉकलेट, कॉस्मेटिक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, लैंब (भेड़ का मांस), प्रीमियम गाड़ियां, मेडिकल डिवाइस और ऑप्टिकल इक्विपमेंट जैसे इंपोर्टेड ब्रिटिश प्रोडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे क्योंकि टैरिफ को चरणों में कम किया जा रहा है।
यह समझौता IT, फाइनेंशियल सर्विसेज़, हेल्थकेयर, एजुकेशन, इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में मौकों को बढ़ाकर सर्विस सेक्टर में भी व्यापार को मज़बूत करता है। UK में कुछ समय के लिए काम करने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स को पांच साल तक 'नेशनल इंश्योरेंस कंट्रीब्यूशन' देने से छूट मिलेगी।
UK सरकार के अनुसार, भारत 90% टैरिफ लाइनों पर टैरिफ कम या खत्म करेगा, जबकि ब्रिटेन ने 96.8% टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी हटा दी है, जो मौजूदा व्यापार का 97.7% हिस्सा हैं। हालांकि, पोल्ट्री, अंडे, चीनी और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर इस समझौते के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
उम्मीद है कि भारत-UK ट्रेड पैक्ट निवेश को बढ़ाएगा, बाज़ार तक पहुंच का विस्तार करेगा और आर्थिक सहयोग को मज़बूत करेगा, जिससे यह हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक बन जाएगा।