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खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी, कैबिनेट की मंजूरी

2025-05-28 23:08:08
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कैबिनेट ने 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी को दी मंजूरी


प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने विपणन सत्र 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।


सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। इस बार MSP में सबसे अधिक बढ़ोतरी नाइजरसीड (₹820 प्रति क्विंटल) में की गई है। इसके बाद रागी (₹596), कपास (₹589) और तिल (₹579 प्रति क्विंटल) में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।



लागत का आधार और MSP निर्धारण
MSP निर्धारण में उत्पादन की व्यापक लागत (A2+FL) को आधार माना जाता है, जिसमें मजदूरी, बीज, उर्वरक, सिंचाई, मशीनरी, किराया, ऊर्जा खर्च और पारिवारिक श्रम का मूल्य शामिल होता है।



सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि धान (ग्रेड-ए), ज्वार (मालदंडी) और कपास (लंबी किस्म) के लिए अलग से लागत आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

1.5 गुना लागत के सिद्धांत पर MSP

खरीफ फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018-19 की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें MSP को उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना रखने का प्रावधान किया गया था।


अनुमान के अनुसार, किसानों को सबसे अधिक लाभ बाजरा (63%) में मिलेगा, इसके बाद मक्का (59%), तुअर (59%) और उड़द (53%) का स्थान है। अन्य फसलों में किसानों को लगभग 50% का मार्जिन मिलने की संभावना है।


फसल विविधीकरण पर जोर

सरकार पिछले कुछ वर्षों से दलहन, तिलहन और पोषक अनाज (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देने के लिए MSP में आकर्षक वृद्धि कर रही है, ताकि किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर विविध फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।



खरीद और भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 से 2024-25 के बीच धान की कुल खरीद 7608 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 4590 लाख मीट्रिक टन थी।


इसी अवधि में 14 खरीफ फसलों की कुल खरीद 7871 लाख मीट्रिक टन रही, जो पहले के दशक (4679 लाख मीट्रिक टन) की तुलना में काफी अधिक है।


MSP भुगतान के संदर्भ में, 2014-15 से 2024-25 के दौरान धान उत्पादक किसानों को 14.16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह राशि 4.44 लाख करोड़ रुपये थी।


इसी तरह, 14 खरीफ फसलों के किसानों को पिछले एक दशक में कुल 16.35 लाख करोड़ रुपये का MSP भुगतान किया गया, जो पहले के दशक के 4.75 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है।


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