कमजोर मानसून से तेलंगाना की खरीफ फसल संकट में, 63% मंडल प्रभावित
2026-07-14 11:58:16
तेलंगाना में मॉनसून की बेरुखी से खरीफ सीजन पर संकट, 63% मंडल बारिश की कमी से प्रभावित
हैदराबाद: तेलंगाना में इस वर्ष कमजोर मॉनसून ने खरीफ सीजन की तस्वीर धुंधली कर दी है। जुलाई के पहले सप्ताह के अंत तक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक क्षेत्र में बुवाई और रोपाई होने के बावजूद, राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की भारी कमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में पर्याप्त और लगातार बारिश नहीं हुई, तो फसलों की वृद्धि, उत्पादन और किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ सकता है।
राज्य के 32 ग्रामीण जिलों के 605 मंडलों में से 382 मंडल (करीब 63 प्रतिशत) मॉनसून की विफलता से प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने जुलाई के शेष दिनों में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है, जिससे खरीफ फसलों की संभावनाओं पर संकट के बादल और गहरे हो गए हैं। लगातार कम वर्षा के कारण जलग्रहण क्षेत्रों में स्थित बड़े, मध्यम और छोटे सिंचाई जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक खरीफ फसलों की खेती का रकबा 55.32 लाख एकड़ तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 52.04 लाख एकड़ था। फसलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो किसानों ने सबसे अधिक 39.44 लाख एकड़ में कपास की बुवाई की है। इसके अलावा 4.22 लाख एकड़ में धान की रोपाई, 3.35 लाख एकड़ में सोयाबीन, 3.19 लाख एकड़ में अरहर, 2.84 लाख एकड़ में मक्का तथा लगभग 46 हजार एकड़ में मूंग और उड़द की खेती की गई है।
तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी के अनुसार, 68 मंडलों में सामान्य से 60 से 99 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 327 मंडलों में वर्षा सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम रही। केवल 181 मंडलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई, लेकिन इनमें भी अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। दूसरी ओर, केवल 45 मंडलों में सामान्य से अधिक या अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इनमें से 11 मंडल रंगारेड्डी, नलगोंडा, नागरकुरनूल, विकाराबाद, संगारेड्डी, सूर्यापेट और भद्राद्री-कोठागुडेम जिलों में स्थित हैं।
राज्यभर में औसतन वर्षा सामान्य से 25 प्रतिशत कम रही है। सबसे अधिक कमी हनुमाकोंडा जिले में दर्ज की गई, जबकि हैदराबाद सहित 25 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। हालांकि पिछले वर्ष अच्छी वर्षा के कारण भूजल स्तर स्थिर बना हुआ है। जून 2025 में औसत भूजल स्तर 9.46 मीटर रहा, जो पिछले वर्ष जून के 9.47 मीटर के लगभग बराबर है।
संभावित संकट को देखते हुए कृषि विभाग ने आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जुलाई के दूसरे सप्ताह के अंत तक पर्याप्त बारिश नहीं होती, तो किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, कृषि वैज्ञानिक किसानों को कम पानी वाली फसलों और मौसम आधारित खेती अपनाने की सलाह भी दे रहे हैं, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।