तळोदा तालुका में कपास की कटाई तेज, CCI की खरीद शुरू नहीं होने से निजी व्यापारियों का सहारा
सितंबर का महीना समाप्त होने के साथ ही तळोदा तालुका में कपास की कटाई तेज हो गई है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान कपास की खेती करते हैं। इस साल अधिक या कम बारिश के कारण कपास उत्पादन में बड़ा अंतर आया है। इसके बावजूद किसान खेतों में तैयार फसल को जल्द से जल्द निकालकर सुरक्षित करने में जुटे हैं।
फिलहाल कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की वास्तविक खरीद शुरू नहीं हुई है। हालांकि, बोराड में CCI का केंद्र चालू है और किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है। इस बीच किसान अपनी नई कपास निजी व्यापारियों को बेच रहे हैं।
बोराड गांव में करीब 4 से 5 निजी व्यापारियों ने किसानों से कपास की खरीद शुरू कर दी है। किसानों के सामने नकदी की जरूरत के साथ-साथ नमी वाली कपास को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की समस्या भी है। कटाई के बाद कपास में नमी रहने के कारण उसे घर पर अधिक समय तक रखने से गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए कई किसान उपलब्ध भाव पर ही अपनी उपज बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, कपास की गुणवत्ता और नमी के आधार पर वर्तमान में 6,500 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है। किसान कटाई के बाद कपास को सीधे व्यापारियों के पास लेकर जा रहे हैं।
बोराड क्षेत्र में प्रत्येक निजी व्यापारी के पास प्रतिदिन करीब 8 से 10 क्विंटल कपास की आवक हो रही है। कुछ व्यापारियों के पास रोजाना करीब 5 से 6 क्विंटल कपास पहुंच रही है।
किसानों की नजर अब CCI की वास्तविक खरीद शुरू होने और सरकारी खरीद के भाव स्पष्ट होने पर है।
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