नई फसल की शुरुआती आवक के बावजूद कच्चे कपास की कीमतें मजबूत
ग्लोबल बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, देश के कई हिस्सों में खरीफ सीजन की नई कपास फसल की शुरुआती आवक के साथ कच्चे कपास की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में नई फसल की आवक शुरू हो गई है।
केंद्र सरकार ने 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए मीडियम स्टेपल कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹8,267 प्रति क्विंटल और लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP ₹8,667 प्रति क्विंटल तय किया है।
रायचूर के सोर्सिंग एजेंट रामानुज दास बूब के अनुसार, रायचूर, बेल्लारी, अडोनी और येमिगनूर जैसे बाजारों में नमी की मात्रा के आधार पर कच्चे कपास की कीमतें ₹9,200-9,500 प्रति क्विंटल के बीच हैं। ये भाव MSP से ऊपर हैं।
बूब ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मौजूदा रुझान को देखते हुए कच्चे कपास की कीमतें MSP से ऊपर बनी रह सकती हैं।
ICE कॉटन फ्यूचर्स की कीमतें करीब 87 सेंट प्रति पाउंड पर हैं, जबकि मंगलवार को यह लगभग 93 सेंट थीं। ICE में गिरावट के बाद भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) को अपनी खरीद कीमतें करीब ₹2,000 प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) घटानी पड़ी हैं। वहीं, भारतीय कपास निगम (CCI) ने अपनी कीमतें बरकरार रखी हैं।
बूब के मुताबिक, MNCs की ओर से कम कीमतों की पेशकश के बावजूद खरीदार नहीं मिल रहे हैं। यार्न की कमजोर मांग के कारण मिलें भी खरीदारी को लेकर सतर्क हैं और बाजार की दिशा पर नजर रख रही हैं।
राजकोट के आनंद पोपट ने बताया कि गुजरात के कुछ हिस्सों में भी सीमित आवक शुरू हो गई है। यहां कीमतें ₹1,900-2,000 प्रति मन (20 किलोग्राम) के आसपास हैं। बुवाई में देरी के कारण आवक एक महीने से अधिक पिछड़ी है और नवंबर की शुरुआत से इसमें तेजी आने की उम्मीद है।
फिलहाल नई फसल की आवक करीब 50,000 गांठ प्रति सप्ताह है, जो अगले दो सप्ताह में बढ़कर लगभग 1 लाख गांठ प्रति सप्ताह हो सकती है।
कृषि मंत्रालय के 4 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, देश में 109.17 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 109.87 लाख हेक्टेयर थी।
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