मोरबी मंडी में तीन दिन में 4,000 क्विंटल से अधिक कपास की आवक

2026-10-15 17:28:56
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मोरबी यार्ड में कपास की आवक धीमी, तीन दिनों में 4,000 क्विंटल से अधिक कपास पहुंची

मोरबी, गुजरात: जिले में मानसून के दौरान अनियमित बारिश के कारण खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस वर्ष मंडियों में खरीफ फसलों की आवक धीमी गति से शुरू हुई है। पिछले तीन दिनों में मोरबी मार्केटिंग यार्ड में 4,000 क्विंटल से अधिक कपास की आवक दर्ज की गई है। वहीं, मूंगफली सहित अन्य खरीफ फसलों की आवक फिलहाल बेहद कम है।

मोरबी यार्ड में कपास का भाव 1,850 से 1,980 रुपये प्रति 20 किलोग्राम के बीच बताया जा रहा है। अक्टूबर 2025 में इसी अवधि के दौरान कपास की कीमत 1,220 से 1,550 रुपये प्रति 20 किलोग्राम थी। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में न्यूनतम भाव में 630 रुपये और अधिकतम भाव में 430 रुपये प्रति 20 किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हलवद यार्ड में कपास और मूंगफली की अच्छी आवक

मोरबी की तुलना में हलवद कृषि उपज मंडी में खरीफ फसलों की आवक अधिक दर्ज की गई है। पिछले तीन दिनों में हलवद एपीएमसी यार्ड में 33,596 मन कपास और 1.21 लाख मन से अधिक मूंगफली की आवक हुई है। इसके अलावा सौंफ, तिल और उड़द जैसी कृषि उपज भी मंडी में पहुंच रही है।

एमएसपी खरीद के लिए 14,298 किसानों का पंजीकरण

मूंगफली की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए मोरबी जिले में कुल 14,298 किसानों ने पंजीकरण कराया है। चार अक्टूबर तक के आंकड़ों के अनुसार, टंकारा में 8,082, हलवद में 4,627, मोरबी में 1,024, वांकानेर में 549 और मालिया में 16 किसानों ने पंजीकरण कराया।

राज्य सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण की समय-सीमा दो बार बढ़ाने के बाद अंतिम तिथि 14 अक्टूबर निर्धारित की थी।

फिलहाल कपास की कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में मंडियों में आवक बढ़ने के साथ कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में किसानों और व्यापारियों की नजर कपास की आवक और बाजार भाव पर बनी हुई है।


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