महाराष्ट्र: मानवत APMC में कपास खरीद का रिकॉर्ड
परभणी (महाराष्ट्र): परभणी जिले की मानवत कृषि उपज मंडी समिति (APMC) ने चालू कपास विपणन सीजन में खरीद का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उत्पादन में कमी के बावजूद मंडी में कपास की आवक और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। 13 नवंबर 2025 से 30 मई 2026 के बीच लगभग सात महीनों की अवधि में 4.36 लाख क्विंटल कपास की खरीद हुई, जो मानवत मंडी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सीजन में जलवायु परिवर्तन, बेमौसम बारिश तथा कीट एवं रोगों के प्रकोप के कारण कई क्षेत्रों में कपास उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद मानवत मंडी में किसानों की बड़ी संख्या में आवक बनी रही। पारदर्शी नीलामी व्यवस्था, समय पर भुगतान और प्रतिस्पर्धी दरों के कारण किसानों का भरोसा मंडी पर लगातार मजबूत हुआ, जिससे व्यापारिक लेन-देन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
सीजन के दौरान कपास खरीद को लेकर Cotton Corporation of India (CCI) और निजी व्यापारियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। CCI ने ₹7,500 से ₹8,000 प्रति क्विंटल की दर से 1,63,647 क्विंटल कपास खरीदी। हालांकि फरवरी के बाद CCI द्वारा खरीद प्रक्रिया रोकने के पश्चात निजी व्यापारियों ने बाजार में अपनी सक्रियता बढ़ा दी। निजी क्षेत्र ने 2.72 लाख क्विंटल से अधिक कपास की खरीद की, जिससे बाजार में मांग बनी रही और कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई।
सीजन की शुरुआत में कपास का भाव लगभग ₹7,500 प्रति क्विंटल था, लेकिन मांग बढ़ने और बाजार परिस्थितियों के अनुकूल रहने से कीमतें धीरे-धीरे बढ़ती गईं। सीजन के अंतिम चरण में पहली बार कपास का भाव ₹10,000 प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया। हालांकि अधिकांश किसान तब तक अपनी उपज बेच चुके थे, इसलिए केवल सीमित संख्या में उत्पादक ही इस बढ़ी हुई कीमत का लाभ उठा सके।
मानवत मंडी की पारदर्शी सार्वजनिक नीलामी प्रणाली और त्वरित भुगतान व्यवस्था के कारण महाराष्ट्र के परभणी के अलावा बीड, जालना, नांदेड़ तथा अन्य पड़ोसी जिलों के किसान भी अपनी उपज यहां लेकर पहुंचे। इसके परिणामस्वरूप इस वर्ष कपास की रिकॉर्ड आवक दर्ज हुई। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय उत्पादन, आयात-निर्यात नीतियां, वस्त्र उद्योग की मांग तथा डॉलर विनिमय दर जैसे वैश्विक कारक भी कपास की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
मंडी समिति के अध्यक्ष Pankaj Ambegaonkar ने कहा कि रिकॉर्ड खरीद और आवक किसानों के विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि समिति ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और पारदर्शी व्यवस्था के कारण ही मंडी को यह सफलता प्राप्त हुई है।
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