महाराष्ट्र में भारी बारिश से 2.75 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित
पुणे: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। राज्य कृषि विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, अब तक करीब 2.75 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसलें प्रभावित हुई हैं। इनमें पिछले कुछ दिनों में प्रभावित हुई करीब 75,000 हेक्टेयर जमीन भी शामिल है। बारिश जारी रहने के कारण नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
कृषि विभाग के अनुसार, विदर्भ और उत्तरी महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर, बाजरा, ज्वार, सब्जियां, गन्ना, केला, पपीता और नींबू जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं।
जिलों में अमरावती सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 71,909 हेक्टेयर से अधिक फसल नुकसान की सूचना है। जलगांव में 50,000 हेक्टेयर से ज्यादा और यवतमाल में 25,803 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
राज्य के कृषि आयुक्त सूरज मंधारे ने कहा कि कई गांवों से अभी नुकसान की रिपोर्ट मिल रही है। इसलिए प्रभावित क्षेत्र का दायरा बढ़ सकता है। कृषि विभाग प्रभावित गांवों में फसल नुकसान का आकलन कर रहा है।
कोंकण क्षेत्र में भी भारी बारिश का असर पड़ा है। रायगढ़ में 2,000 हेक्टेयर से ज्यादा धान की नर्सरियों को नुकसान हुआ है। इससे किसानों को दोबारा नर्सरी तैयार करनी पड़ सकती है और धान की रोपाई में देरी हो सकती है।
किसानों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद भी नुकसान का असर दिखाई दे सकता है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से पौधों की जड़ें खराब हो सकती हैं और फसलों में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और फसलों में बीमारी के लक्षणों पर नजर रखने की सलाह दी है। विस्तृत सर्वे पूरा होने के बाद ही बारिश से हुए वास्तविक नुकसान का पता चल सकेगा।
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