कृषि मंत्री ने जताई उम्मीद, 15 अगस्त तक पूरी हो सकती है खरीफ बुवाई की कमी
2026-07-16 15:20:13
खरीफ बुआई में कमी 15 अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद: कृषि मंत्री
नई दिल्ली, : कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि खरीफ फसलों की बुआई के रकबे में आई कमी की भरपाई की जा सकती है, क्योंकि बुआई का मौसम 15 अगस्त तक जारी रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार मॉनसून और बुआई की प्रगति पर लगातार नजर रख रही है।
इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन से इतर पत्रकारों से बातचीत में चौहान ने कहा कि खरीफ फसलों की बुआई के लिए अभी पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा, “खरीफ फसलों की बुआई 15 अगस्त तक होती है। जून में बारिश कम हुई थी, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश हुई है। 20 जुलाई के बाद भी अच्छी बारिश की संभावना है।”
उन्होंने कहा कि मौजूदा खरीफ सीजन में 10 जुलाई तक फसलों के तहत कुल बुआई रकबा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम है। हालांकि, उन्होंने आने वाले दिनों में बुआई में तेजी आने और रकबे की कमी की भरपाई होने की उम्मीद जताई।
चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और किसानों को बीज, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक कृषि इनपुट समय पर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या बुआई में सुधार से रकबे की कमी पूरी हो सकती है, तो उन्होंने कहा, “इसकी संभावना है। मुझे बहुत उम्मीद है।”
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई तक खरीफ फसलों का कुल बुआई रकबा पिछले साल की समान अवधि के 631.88 लाख हेक्टेयर से 15.93 प्रतिशत घटकर 531.25 लाख हेक्टेयर रह गया।
तिलहन का रकबा 21 प्रतिशत घटकर 117.83 लाख हेक्टेयर रहा। इनमें सोयाबीन का रकबा 16 प्रतिशत घटकर 90.51 लाख हेक्टेयर रह गया।
कपास की बुआई भी पिछड़ रही है। 10 जुलाई तक कपास का रकबा पिछले साल की समान अवधि के 93.95 लाख हेक्टेयर से 15.33 प्रतिशत घटकर 79.54 लाख हेक्टेयर रहा।
खरीफ फसलों की बुआई आमतौर पर जून में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगमन के साथ शुरू होती है। हालांकि, इस साल कमजोर मॉनसून के कारण बुआई प्रभावित हुई है। आने वाले दिनों में बारिश में सुधार से बुआई में तेजी आने की उम्मीद है।