केरल में मानसून सक्रिय, अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून 2026 को दस्तक दे दी है, जिसके बाद राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मानसून से पहले जारी प्री-मानसून बारिश के चलते पहले से ही कई क्षेत्रों में नमी बनी हुई थी, और अब मध्यम से भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक केरल में तेज बारिश जारी रहने की संभावना है।
जून और जुलाई के महीने केरल में सबसे अधिक वर्षा वाले माने जाते हैं। इस अवधि में औसतन करीब 650 मिमी बारिश दर्ज होती है, और पूरे मानसूनी सीजन की लगभग 70 प्रतिशत वर्षा इन्हीं दो महीनों में हो जाती है। यही कारण है कि यह समय राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है।
अरब सागर में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव
पूर्व-मध्य अरब सागर में गोवा और उत्तर कर्नाटक के तट के पास मध्य स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है, जो लगभग 10 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर सक्रिय है। इस सिस्टम के कारण मानसूनी पश्चिमी हवाओं की ताकत बढ़ गई है, जिससे वे पश्चिमी घाट से अधिक टकरा रही हैं और लगातार बारिश हो रही है।
पिछले 24 घंटों में कोच्चि, कोझिकोड, कोट्टायम और कन्नूर सहित कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। इसी सिस्टम का असर कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों जैसे होन्नावर और कारवार तक भी देखा गया है।
अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह चक्रवाती परिसंचरण अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगा। हालांकि इसके बड़े और शक्तिशाली तूफानी सिस्टम में बदलने की संभावना कम है, लेकिन यह मानसूनी हवाओं को लगातार सक्रिय रखेगा।
तिरुवनंतपुरम से कोझिकोड तक पूरे तटीय केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। 7 जून से 11 जून 2026 के बीच बारिश की तीव्रता और फैलाव और अधिक बढ़ सकता है।
बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी जलस्तर में वृद्धि और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
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