अल नीनो का असर: करीमनगर में किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने की सलाह
2026-07-21 11:53:58
एल नीनो का असर: करीमनगर में किसानों को धान छोड़ कम पानी वाली फसलें अपनाने की सलाह
करीमनगर: तेलंगाना के करीमनगर जिले में कमजोर मानसून और एल नीनो के प्रभाव के कारण कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में किसानों को धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की जगह कम पानी वाली फसलें अपनाने की सलाह दी है। सिंचाई के लिए पानी की कमी को देखते हुए जिला प्रशासन ने कंटिंजेंसी प्लान लागू किया है, ताकि किसानों का नुकसान कम किया जा सके।
जिला कृषि अधिकारी जे. भाग्यलक्ष्मी ने बताया कि विभागीय सर्वे में सिंचाई की गंभीर कमी सामने आई है। किसानों से अरहर, मूंग, लोबिया और सूरजमुखी जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलें बोने की अपील की गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार लोअर मनेयर डैम में फिलहाल 5.568 टीएमसीएफटी पानी उपलब्ध है, जबकि इसकी कुल क्षमता 24.034 टीएमसीएफटी है। यह जल भंडार अगले 90 दिनों तक मुख्य रूप से पेयजल जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
करीमनगर में लगभग 1.57 लाख एकड़ कृषि भूमि होने के बावजूद पानी की कमी के चलते 15 जुलाई तक बड़े क्षेत्र में बुआई प्रभावित रही। जिला कलेक्टर चित्रा मिश्रा ने कृषि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने और आपातकालीन कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, राजन्ना-सिरसिला जिले में भी एल नीनो का असर साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य 2.45 लाख एकड़ के मुकाबले अब तक केवल 93 हजार एकड़ में ही बुआई हो सकी है, जिससे जिले की कृषि गतिविधियां करीब 40 प्रतिशत प्रभावित हुई हैं।