करीमनगर की मंडियों में कपास के भाव ₹500 प्रति क्विंटल गिरे
आयात शुल्क में छूट बढ़ने और नमी की अधिकता से कीमतों पर दबाव; पेड्डापल्ली में भाव ₹7,300 तक पहुंचे
करीमनगर: तेलंगाना के पूर्व करीमनगर जिले की कृषि मंडियों में कपास की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान लगभग ₹500 प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। दशहरा से पहले खरीद शुरू होने के समय कपास ₹9,000 प्रति क्विंटल से अधिक के भाव पर बिक रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत घटकर लगभग ₹8,500 प्रति क्विंटल रह गई है।
व्यापारियों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा कपास के आयात पर सीमा शुल्क में छूट की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने के फैसले से घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है। सरकार ने पहले 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक आयात शुल्क में छूट दी थी। अब इस छूट को दो महीने और बढ़ा दिया गया है।
दशहरा से पहले मंडियों में कपास की खरीद शुरू हो गई थी, लेकिन त्योहार के बाद आवक में तेजी आई। जम्मीकुंटा कृषि मंडी में नीलामी के दौरान कपास का शुरुआती भाव ₹9,250 प्रति क्विंटल था, जो अब घटकर ₹8,500 रह गया है। अधिक नमी और खराब गुणवत्ता वाले कपास को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹8,667 प्रति क्विंटल से भी कम कीमत मिल रही है।
पेड्डापल्ली मंडी में भी कपास की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पहले यहां कपास ₹9,000 से ₹10,000 प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा था, जबकि अब कीमतें घटकर ₹7,300 से ₹8,500 प्रति क्विंटल रह गई हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट आ सकती है।
बाजार सूत्रों के अनुसार, बेल कॉटन की कीमत ₹68,000 से घटकर ₹62,000 प्रति क्विंटल रह गई है। वहीं, सीड कॉटन के भाव ₹4,800 से गिरकर ₹4,200 प्रति क्विंटल पर आ गए हैं। एक बाजार सूत्र ने बताया कि आयातित अमेरिकी कपास भारतीय जिनिंग मिलों को ₹62,000 प्रति क्विंटल के भाव पर उपलब्ध हो रहा है। इसके चलते स्थानीय व्यापारी घरेलू कपास के लिए कम कीमत दे रहे हैं।
कपास में नमी की अधिकता भी कीमतों में गिरावट का एक प्रमुख कारण है। कुछ किसान कपास को पूरी तरह सुखाए बिना ही मंडियों में ला रहे हैं, जिससे व्यापारियों द्वारा कम भाव दिए जा रहे हैं। इस गिरावट ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे पहले कम बारिश, कीटों के हमले और कीटनाशकों की बढ़ती लागत के कारण कपास की फसल का विकास प्रभावित हुआ था।
‘डेक्कन क्रॉनिकल’ से बातचीत में जम्मीकुंटा मार्केट यार्ड के सचिव आर. मल्लेशम ने बताया कि कपास में नमी की अधिकता और आयात शुल्क में छूट की अवधि बढ़ाए जाने से कीमतों में गिरावट आई है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में भाव और नीचे जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) कपास खरीदने के लिए तैयार है और उसने मंडी में खरीद केंद्र भी खोला है। इस सीजन में अब तक जम्मीकुंटा मंडी में लगभग 12,000 क्विंटल कपास की आवक दर्ज की गई है।
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