गुजरात में कपास की बुवाई 9.32 लाख हेक्टेयर पार, सौराष्ट्र सबसे आगे
2026-07-09 13:08:04
गुजरात में कपास की बुवाई 9.32 लाख हेक्टेयर के पार, सौराष्ट्र सबसे आगे; तिलहनों का रकबा 6.66 लाख हेक्टेयर
अहमदाबाद, 6 जुलाई। गुजरात में खरीफ 2026 सीजन के दौरान कपास की बुवाई तेज़ी से आगे बढ़ रही है। राज्य में अब तक 9,31,926 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हो चुकी है, जो सामान्य क्षेत्र का 39.1 प्रतिशत है। हालांकि, पिछले वर्ष की समान अवधि में यह रकबा 17,10,610 हेक्टेयर था।
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, सौराष्ट्र कपास बुवाई में सबसे आगे है, जहां 6,27,100 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। इसके बाद कच्छ में 48,200 हेक्टेयर, उत्तर गुजरात में 1,17,100 हेक्टेयर, मध्य गुजरात में 1,09,800 हेक्टेयर और दक्षिण गुजरात में 29,800 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई दर्ज की गई है।
जिलों की बात करें तो सुरेंद्रनगर 1,92,000 हेक्टेयर के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बोटाद (1,11,800 हेक्टेयर), मोरबी (1,06,400 हेक्टेयर), भावनगर (89,700 हेक्टेयर) और अमरेली (69,900 हेक्टेयर) प्रमुख कपास उत्पादक जिले रहे हैं।
वहीं, राज्य में तिलहनी फसलों की कुल बुवाई 6,66,029 हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो सामान्य क्षेत्र का 22.72 प्रतिशत है। इसमें मूंगफली की बुवाई 6,28,888 हेक्टेयर (32.83%), सोयाबीन 35,200 हेक्टेयर (12.51%), तिल 901 हेक्टेयर (1.82%) और अरंडी 1,041 हेक्टेयर (0.15%) में हुई है।
राज्य में 6 जुलाई 2026 तक कुल खरीफ बुवाई 18,54,564 हेक्टेयर हो चुकी है, जो सामान्य क्षेत्रफल का 21.74 प्रतिशत है। मानसून की अनुकूल प्रगति के साथ आने वाले दिनों में कपास और तिलहनी फसलों की बुवाई में और तेजी आने की उम्मीद है।