गुजरात: बोटाद विपणन यार्ड में कपास की कीमतों में वृद्धि और किसानों की आय में इजाफा
2024-09-10 18:01:59
गुजरात: बोटाद मार्केटिंग यार्ड में कपास की कीमतों में वृद्धि, किसानों की आय में वृद्धि
बोटाद विपणन यार्ड में आज किसानों की फसलों को बेचने के लिए वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। इस यार्ड में कपास की कीमतें सौराष्ट्र के अन्य विपणन यार्डों की तुलना में सबसे अधिक होने के कारण, यह किसानों की पहली पसंद बन गया है। किसानों को यहां उनकी उपज के लिए बेहतरीन कीमतें मिल रही हैं, जिससे बोटाद विपणन यार्ड की लोकप्रियता बढ़ी है।
बोटाद: सौराष्ट्र का सबसे बड़ा कपास केंद्र
बोटाद विपणन यार्ड को सौराष्ट्र का सबसे बड़ा कपास केंद्र माना जाता है। बोटाद ही नहीं, बल्कि अमरेली, सुरेंद्रनगर और अहमदाबाद जिलों के दूरदराज के गांवों से भी किसान अपनी कपास की फसल बेचने के लिए यहां आते हैं। सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यहां कपास की आवक बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों में कपास की आवक में भारी इजाफा देखा गया है।
पिछले तीन दिनों में कपास की आवक और कीमतों में वृद्धि
बोटाद यार्ड में प्रतिदिन कपास की नियमित नीलामी होती है। पिछले तीन दिनों में कपास की आवक 45 से 70 क्विंटल रही, और भाव 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए। लेकिन आज, कपास की 100 क्विंटल की आवक दर्ज की गई, और कीमतों में भी तेजी आई। प्रति मन कपास की न्यूनतम कीमत 1160 रुपये और अधिकतम कीमत 1631 रुपये तक पहुंच गई। पिछले तीन दिनों में कुल 30 क्विंटल से अधिक कपास की पैदावार की नीलामी की गई।
कपास के साथ अन्य फसलों की भी नीलामी
बोटाद मार्केटिंग यार्ड में कपास के साथ-साथ गेहूं, बाजरा, ज्वार, मूंगफली, तिल, काले तिल, जीरा, चना, धनिया, मूंग, तुवर और अरंडी जैसी विभिन्न फसलों की भी नीलामी की जाती है। इस विविधता के कारण यह यार्ड किसानों के लिए एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बना हुआ है।