गुजरात - 'सफेद सोना' कपास के दाम में ऐतिहासिक उछाल, 2036 रुपये प्रति 20 किलो तक पहुंचा भाव
कपास की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। अमरेली जिले के सावरकुंडला मार्केटिंग यार्ड में अच्छी गुणवत्ता वाले कपास का भाव 2036 रुपये प्रति 20 किलो तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य गुणवत्ता का कपास 1700 से 1800 रुपये प्रति 20 किलो के बीच बिक रहा है।
सावरकुंडला मार्केटिंग यार्ड के सचिव मुकेशभाई त्रिवेदी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से कपास के दामों में लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान में बाजार में कपास की आवक कम होने के कारण व्यापारियों के बीच खरीदारी की प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे कीमतों को मजबूती मिली है।
कपास एक वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाली फसल है, इसलिए इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों से प्रभावित होती हैं। दुनिया के कई हिस्सों में आपूर्ति संबंधी चुनौतियां, व्यापारिक अनिश्चितताएं और वैश्विक मांग में मजबूती को मौजूदा तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसका सकारात्मक असर स्थानीय मंडियों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
बाजार सूत्रों के मुताबिक, बड़े व्यापारियों के पास कपास का स्टॉक सीमित है। वहीं, किसानों द्वारा सीधे बाजार में कपास लाया जा रहा है। पहले कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा बड़े पैमाने पर की गई खरीदारी के कारण खुले बाजार में कपास की उपलब्धता कम हो गई थी। इसके चलते वर्तमान में मंडियों में आवक सीमित बनी हुई है।
आवक कम होने के बावजूद मिलों और व्यापारियों की मांग लगातार बनी हुई है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर ने कपास की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। अमरेली और सावरकुंडला की मंडियों में फिलहाल कपास का औसत भाव 1800 से 2000 रुपये प्रति 20 किलो के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि बेहतर गुणवत्ता वाले कपास को इससे भी अधिक कीमत मिल रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कपास की आवक सीमित रहती है और वैश्विक बाजार में मांग मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, निर्यात मांग, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और स्थानीय आवक जैसे कारक भविष्य के भाव तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मौजूदा कीमतें विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही हैं जिन्होंने अभी तक अपना कपास स्टॉक नहीं बेचा है। कपास के बढ़ते दाम अमरेली जिले के किसानों के लिए राहत और बेहतर आय की उम्मीद लेकर आए हैं।