गुजरात के 4 जिलों में सूखे का ऐलान, किसानों को ₹8,500 प्रति हेक्टेयर मिलेगी सहायता
गुजरात सरकार ने द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ जिलों में सूखे से प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पात्र किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के दिशानिर्देशों के तहत ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाएगी। यह लाभ अधिकतम 2 हेक्टेयर फसल क्षेत्र तक सीमित रहेगा। राहत वितरण 1 नवंबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
किसानों को अधिकतम ₹17,000 की सहायता
निर्धारित दर के अनुसार, पात्र किसानों को अधिकतम 2 हेक्टेयर फसल क्षेत्र के लिए कुल ₹17,000 तक की सहायता मिल सकती है। जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन है, उन्हें भी इस प्रावधान के तहत अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए ही सहायता मिलेगी। वास्तविक भुगतान सरकारी दिशानिर्देशों और पात्रता शर्तों के अनुसार किया जाएगा।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए भी राहत का प्रावधान बताया गया है। पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए दो महीने तक प्रति पशु प्रतिदिन ₹80 की सहायता दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वीबी-जी राम जी योजना के तहत ₹150 की दर से भुगतान किए जाने का उल्लेख है। इन प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
महाराष्ट्र में 305 तालुके सूखाग्रस्त
महाराष्ट्र में भी कम बारिश के कारण कृषि क्षेत्र पर संकट गहराया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने सितंबर 2026 में 265 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया था। अक्टूबर में 40 और तालुकों को शामिल किए जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 305 हो गई। राज्य के कुल 358 तालुकों में यह लगभग 85.2% है।
प्रभावित क्षेत्रों में मराठवाड़ा, विदर्भ और नासिक सहित कई कृषि क्षेत्र शामिल हैं। छत्रपति संभाजीनगर संभाग में भी कम बारिश के कारण स्थिति गंभीर बताई गई है।
महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत उपाय
रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले बैंक खातों में ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने की घोषणा की थी। इसके अलावा, भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण के पुनर्गठन, कृषि ऋण वसूली पर रोक, कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत, छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने तथा पानी के टैंकर और पशु चारे की व्यवस्था जैसे राहत उपायों का उल्लेख किया गया है।
किसानों को मिलने वाला अंतिम फसल मुआवजा नुकसान के आकलन और निर्धारित पात्रता के आधार पर तय किया जाएगा। गुजरात और महाराष्ट्र में राहत राशि, प्रभावित क्षेत्रों की सूची और भुगतान की स्थिति की पुष्टि संबंधित राज्य सरकारों की आधिकारिक अधिसूचनाओं से की जानी चाहिए।
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