केंद्र सरकार ने 2026-27 सीज़न के लिए बीटी कपास बीजों की अधिकतम बिक्री कीमत तय कर दी है। यह फैसला एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
बीजों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और कपास बीज मूल्य (नियंत्रण) आदेश, 2015 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग किया है।
यह मूल्य निर्धारण 475 ग्राम के मानक बीज पैकेट पर लागू होगा, जिसमें 5-10% तक गैर-बीटी बीज (रिफ्यूजिया) शामिल होते हैं। रिफ्यूजिया का उद्देश्य कीटों में प्रतिरोधक क्षमता के विकास को धीमा करना और फसलों की प्रभावशीलता को लंबे समय तक बनाए रखना है।
इस कदम के जरिए सरकार बीजों की कीमतों को संतुलित रखने, किसानों की पहुंच सुनिश्चित करने और जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग पर निगरानी बनाए रखने का प्रयास कर रही है।