गिर सोमनाथ में बारिश की देरी से किसानों की चिंता बढ़ी, मूंगफली-सोयाबीन-कपास क्रिटिकल स्टेज में
गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में मानसून में देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में इस खरीफ सीजन में 1,47,323 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है। फिलहाल मूंगफली, सोयाबीन और कपास उत्पादन के महत्वपूर्ण चरण में हैं, ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश फसलों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
जिले में 91,479 हेक्टेयर में मूंगफली, 26,787 हेक्टेयर में सोयाबीन और 12,491 हेक्टेयर में कपास की बुवाई हुई है। करीब 11,103 हेक्टेयर में चारे की फसलें भी बोई गई हैं। मूंगफली इस समय दाना भरने, सोयाबीन दाना बनने और भरने, जबकि कपास फूल-कली बनने के चरण में है।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक जयदीप चौहान के अनुसार, जिले के अधिकांश क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा है और किसान फिलहाल भूजल से फसलों को पानी दे रहे हैं। इसलिए बारिश में देरी के बावजूद अभी तक फसलों की स्थिति खराब नहीं हुई है। हालांकि, लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर भूजल और सिंचाई स्रोतों पर दबाव बढ़ सकता है।
विभाग के मुताबिक, अगले 8 से 10 दिनों में अच्छी बारिश होने पर बड़े नुकसान की संभावना कम है। किसानों को पानी का सीमित इस्तेमाल करने तथा ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने की सलाह दी गई है। मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए खरपतवार नियंत्रण और मल्चिंग पर भी जोर दिया गया है। फूल आने और दाना भरने के चरण में सिंचाई को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
कृषि विभाग ने नमी की कमी की स्थिति में 1–2% यूरिया या पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) के घोल का स्प्रे करने और फसल पकने पर समय पर कटाई करने की सलाह दी है। फिलहाल किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
और पढ़ें :- डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे की कमजोरी के साथ 95.25 पर खुला।