भारत में 21 कॉटन टेस्टिंग लैब का होगा आधुनिकीकरण, ₹38.72 करोड़ का प्रोजेक्ट
नई दिल्ली: भारत को ग्लोबल कॉटन और टेक्सटाइल हब बनाने के प्रयासों के बीच केंद्र सरकार देश में कॉटन फाइबर की टेस्टिंग सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
दो सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) प्रमुख कॉटन उत्पादक क्षेत्रों में स्थित 21 लैब के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज कर रहा है।
करीब ₹38.72 करोड़ की इस परियोजना के तहत इन लैब में आधुनिक टेस्टिंग उपकरण लगाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल कॉटन फाइबर की गुणवत्ता और उसमें मौजूद अशुद्धियों की जांच के लिए किया जाएगा।
कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट की देखरेख में चल रही इस परियोजना के तहत टेक्सटाइल्स कमिटी, पावरलूम सर्विस सेंटर्स और कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा संचालित लैब को अपग्रेड किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य भारत में कॉटन फाइबर की टेस्टिंग क्षमता और गुणवत्ता आकलन के लिए उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। आधुनिक टेस्टिंग सुविधाओं से कॉटन की गुणवत्ता को अधिक प्रभावी तरीके से जांचने में मदद मिलेगी।
सरकार भारत के कॉटन और टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दे रही है। ऐसे में टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण भारतीय कॉटन की गुणवत्ता और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।
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