कुमारम भीम आसिफाबाद में बढ़ रहा कपास का रकबा
अनुकूल मिट्टी, मौसम और बाजार की सुविधा के कारण कुमारम भीम आसिफाबाद जिले में किसान लंबे समय से कपास की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। कम सिंचाई की जरूरत और बेहतर बाजार मूल्य के कारण भी किसानों का रुझान कपास की ओर बढ़ रहा है।
कपास की खेती के बढ़ते रकबे की एक प्रमुख वजह केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की जा रही बढ़ोतरी है। पिछले साल कपास का MSP 8,110 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि इस साल इसे बढ़ाकर 8,667 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी पिछले साल की तुलना में MSP में 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। लगातार बढ़ रहे समर्थन मूल्य से किसानों में कपास की खेती को लेकर रुचि बढ़ी है।
3.70 लाख एकड़ में कपास की खेती का अनुमान
अधिकारियों के अनुसार, जिले में हर साल कपास की खेती का रकबा बढ़ रहा है। पिछले मानसून सीजन में करीब 3.40 लाख एकड़ में कपास की खेती हुई थी। इस बार यह क्षेत्र बढ़कर 3.70 लाख एकड़ होने का अनुमान है। जिले की काली मिट्टी कपास की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। इसके अलावा, फसल को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद भी किसानों को कपास की ओर आकर्षित कर रही है।
इस मानसून सीजन में जिले के 15 मंडलों में कुल 4,52,202 एकड़ में विभिन्न फसलों की खेती का अनुमान है। इनमें 3,70,919 एकड़ में कपास, 42,228 एकड़ में धान, 20,817 एकड़ में गन्ना, 1,326 एकड़ में सोयाबीन और 668 एकड़ में मक्का शामिल हैं। अन्य फसलें 11,254 एकड़ में उगाए जाने का अनुमान है।
किसान गजेला संतोष ने बताया कि जिले की काली मिट्टी कपास की खेती के लिए उपयुक्त है। पिछले साल अच्छे भाव मिलने के कारण इस साल भी बेहतर कीमत की उम्मीद है। बारिश अनुकूल रही तो अच्छी पैदावार की संभावना है।
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